बेगूसराय। केंद्रीय कपड़ा मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिलने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। उनके आधिकारिक पते पर डाक के जरिए एक गुमनाम पत्र भेजा गया है, जिसमें उन्हें जल्द ही खत्म करने की बात कही गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं और तेजी से छानबीन की जा रही है।
धमकी भरे पत्र का पूरा मामला
यह पूरा मामला तब सामने आया जब नई दिल्ली के नेताजी नगर स्थित जीपीओए-3 के कमरा नंबर 5605 में साधारण डाक के माध्यम से एक संदिग्ध लिफाफा प्राप्त हुआ। लिफाफे पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, उद्योग भवन, डॉ. मौलाना आजाद रोड, नई दिल्ली का स्पष्ट पता दर्ज था। जब इस पत्र को खोला गया तो उसमें अंग्रेजी में केवल एक ही लाइन टाइप की हुई मिली You will be killed shortly by hardcore terrorists यानी हार्डकोर आतंकी जल्द ही आपकी हत्या कर देंगे। इस धमकी भरे संदेश के नीचे दो मोबाइल नंबर भी लिखे हुए थे।
गृह मंत्रालय को दी गई सूचना और एफआईआर दर्ज
घटना की सुगबुगाहट मिलते ही कपड़ा मंत्री के निजी सचिव और आईएएस अधिकारी योगेंद्र सिंह ने फौरन केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव को इस खतरनाक पत्र की आधिकारिक जानकारी दी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को भांपते हुए बेगूसराय के नगर थाना प्रभारी (SHO) पुलिस निरीक्षक सतीश कुमार हिमांशु के बयान पर स्थानीय थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 55 (साजिश), 351(3) (जान से मारने की धमकी) और 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
कर्नाटक से जुड़े हैं मोबाइल नंबर के तार
शुरुआती पुलिस जांच में पत्र के नीचे लिखे दोनों मोबाइल नंबरों के तार दक्षिण भारत से जुड़ते नजर आ रहे हैं। तकनीकी सर्विलांस और शुरुआती पड़ताल के मुताबिक, इन नंबरों का संबंध कर्नाटक के कोलार जिले के श्रीनिवासपुरा तालुका के इम्बाला गांव निवासी नीतीश रेड्डी से बताया जा रहा है। एसपी कार्यालय को पत्र की प्रति मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर इन नंबरों की कुंडली खंगाली जा रही है।
साइबर सेल की मदद से विशेष जांच टीम गठित
इस संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले की तह तक जाने के लिए बेगूसराय पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर थानाध्यक्ष ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी महिला उप-निरीक्षक (SI) मनीषा कुमारी को सौंपी है। पुलिस की एक विशेष टीम साइबर सेल और तकनीकी विंग की सहायता से पत्र पर दर्ज दोनों मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लाइव लोकेशन को ट्रैक करने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह महज किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी आतंकी साजिश छिपी है।



