पटना। संसद के मौजूदा सत्र के दौरान लगातार हो रहे हंगामे और कार्यवाही के बाधित होने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने संसद में जारी गतिरोध को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि सदन में हंगामा करने वाले और कार्यवाही बाधित करने वाले सांसदों की उपस्थिति और वेतन में कटौती की जानी चाहिए।
काम नहीं तो दाम नहीं का सिद्धांत लागू करने की मांग
केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद विपक्षी सांसद सदन की मर्यादा का पालन करने को तैयार नहीं हैं।
- जनता के पैसे की बर्बादी: गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि सांसद सदन में केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं और जनता के खून-पसीने की कमाई से मिलने वाला वेतन और भत्ते अपनी जेब में भरते हैं, लेकिन सदन की कार्यवाही में योगदान नहीं देते।
- वेतन और अटेंडेंस काटने की अपील: उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से सीधा आग्रह किया कि सीसीटीवी फुटेज और सदन के वीडियो की जांच कर यह देखा जाए कि कौन-से सांसद व्यवधान पैदा कर रहे हैं, और उनके नाम पर काम नहीं तो दाम नहीं का नियम लागू करते हुए वेतन व अटेंडेंस काट ली जाए।
- नैतिक जिम्मेदारी का अभाव: उन्होंने विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि यदि उनमें थोड़ी भी नैतिक जिम्मेदारी बची है, तो उन्हें खुद आगे आकर यह घोषणा करनी चाहिए कि बिना काम किए वे वेतन नहीं लेंगे।
एफसीआरए (FCRA) संशोधन और विदेशी फंडिंग के गंभीर आरोप
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि वे देश में अशांति और उपद्रव फैलाने के लिए विदेशी ताकतों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- कड़े कानूनों का विरोध: उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद इसलिए नहीं चलने दे रहा है ताकि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) जैसे कड़े कानून या संशोधन संसद में पास न हो सकें।
- विदेशी ताकतों का दखल: गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि जॉर्ज सोरोस जैसी ताकतों से मिलने वाले पैसों के जरिए देश में अराजकता फैलाई जा रही है और राहुल गांधी बिना सोचे-समझे उसी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।
भोजपुरी में राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला
राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने भोजपुरी भाषा में कहा कि उनके परिवार पर देश को चार पीढ़ियों तक लूटने और चीन को हजारों वर्ग किलोमीटर जमीन सौंपने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब सब कुछ समझ चुकी है और इस प्रकार की राजनीति देश में और अधिक समय तक नहीं टिक पाएगी।


