चंडीगढ़. श्री गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के लिए भारत से एक सुंदर पालकी तैयार की गई है. इसे सुनहरे रंग में तैयार किया गया है. फाइबर पालकी साहिब अटारी-वाघा बार्डर के जरिए भेजी गई. यह पालकी साहिब संत महापुरुष बाबा दर्शन सिंह कुल्ली वालों की प्रेरणा से उनके सेवादार बाबा गुरदेव सिंह कुल्ली वालों की तरफ से तैयार करवाई गई है.

जानकारी है कि यह विशेष रूप से तैयार की गई पालकी को पाकिस्तान की तरफ से अनुरोध किया गया है. सिंध में रहने वाले महेश सिंह के अनुरोध पर इसे तैयार किया गया. इसे श्री ननकाना साहिब में स्थापित कर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सुशोभित करने की तैयारी है. इस अवसर पर धार्मिक श्रद्धा और सिख विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला.

ढाई लाख रुपए की बनाई गई है पालकी

इस सुंदर गोल्डन फाइबर पालकी साहिब की कीमत दो से ढाई लाख रुपए के बीच हैं. इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जत्था लीडर भाई भूपिंदर सिंह भलवान ने कहा कि वाघा सीमा पर रमेश सिंह अरोड़ा तथा भाई महेश सिंह के सहयोगियों को यह पालकी साहिब औपचारिक रूप से सौंप दी जाएगी. इसे बेहद खास तरीके से तैयार किया गया है, जो देखने में गोल्डन रंग की है.