भुवनेश्वर: वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए ओडिशा से एक बेहद सुखद और बड़ी खबर सामने आई है. ओडिशा के मशहूर सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व (STR) में बाघिन ‘जीनत’ (Zeenat) ने चार स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है. सिमिलिपाल में बाघों के कुनबे को बढ़ाने की दिशा में चल रहे संरक्षण कार्यक्रम के लिए इसे एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है.

वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, बाघिन ने बीते 28 मई को इन चार नन्हे शावकों को जन्म दिया. फिलहाल, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और वन्यजीव विशेषज्ञों की एक विशेष टीम मां और उसके चारों बच्चों की सुरक्षा और सेहत पर लगातार चौबीसों घंटे नजर रखे हुए है. जंगल के अंदर उनके ठिकाने के आसपास सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो.

यहां बतादें की बाघों की आबादी बढ़ाने की मुहिम: सिमिलिपाल में बाघों की संख्या और आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) को बढ़ाने के लिए नवंबर 2024 में इस बाघिन को महाराष्ट्र के प्रसिद्ध ‘तडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व’ से यहां लाया गया था. जब से जीनत सिमिलिपाल आई थी, तभी से वन विभाग की टीम सैटेलाइट कॉलर और स्पेशल ट्रैकिंग टीमों के जरिए उसकी हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रख रही थी.

सिमिलिपाल के प्राकृतिक माहौल को पूरी तरह अपनाकर जीनत का मां बनना ओडिशा के वन्यजीव इतिहास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है. इससे न केवल बाघ संरक्षण अभियान को एक नई दिशा और नया उत्साह मिला है, बल्कि उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सिमिलिपाल के जंगलों में रॉयल बंगाल टाइगर्स की दहाड़ और तेज होगी.