अनुज कुमार पांडेय, गोपालगंज। जिले में त्याग, समर्पण और बलिदान का त्योहार बकरीद (ईद-उल-अजहा) पूरे धार्मिक उत्साह, अकीदत और उल्लास के साथ मनाया गया। गुरुवार की सुबह मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर जिले की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की। नमाज के मुकम्मल होने के बाद बारगाहे-इलाही में हाथ उठाकर देश-दुनिया में अमन-चैन, भाईचारे, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़ा जनसैलाब
गुरुवार सुबह से ही जिले के नमाज स्थलों पर अकीदतमंदों की भीड़ जुटने लगी थी। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में निर्धारित समय पर नमाज अदा की गई।मरकजी मस्जिद में सुबह सबसे पहले 6:30 बजे नमाज अदा की गई।जिला ईदगाह व जामा मस्जिद में सुबह 7:00 बजे नमाज संपन्न हुई।
फ्रेंड्स कॉलोनी आला हजरत मस्जिद में सुबह 7:15 बजे अकीदतमंदों ने नमाज पढ़ी।
डोमाहाता ईदगाह में सुबह 7:30 बजे सामूहिक नमाज का आयोजन हुआ।नमाज के तुरंत बाद पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत और उनके महान त्याग व समर्पण को याद करते हुए अल्लाह की राह में कुर्बानी की रस्म पूरी की गई।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, मुस्तैद दिखा प्रशासन
त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। संवेदनशील स्थलों, प्रमुख चौक-चौराहों और ईदगाहों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार खुद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने सुबह से ही रूट डायवर्जन कर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा, जिससे नमाजियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
बाजारों में रही भारी रौनक, 90 हजार तक बिके बकरे
बकरीद को लेकर पिछले कई दिनों से बाजारों में जो रौनक थी, वह त्योहार के दिन अपने चरम पर दिखी। शहर से लेकर ग्रामीण बाजारों तक में त्योहार की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ी। सेवई, सूखे मेवे, किराना सामान और नए कपड़ों की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों का तांता लगा रहा। विशेषकर बच्चों में नए कपड़ों और पारंपरिक परिधानों को लेकर भारी उत्साह देखा गया।
बकरा बाजार का आकर्षण
इस वर्ष कुर्बानी के लिए सजे बकरा बाजारों में भी जबरदस्त चहल-पहल देखने को मिली। बाजार में विभिन्न नस्लों के बकरे उपलब्ध थे, जिनकी कीमत 10 हजार रुपये से लेकर 90 हजार रुपये तक रही। अपनी पसंद और बजट के अनुसार लोगों ने बकरों की खरीदारी की।
कुल मिलाकर, गोपालगंज जिले में बकरीद का यह महापर्व आपसी भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ, जिसने समाज में एकता का संदेश दिया।

