अनुज कुमार पांडेय/ गोपालगंज। जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां चनावे स्थित मंडल कारा में एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मृतक कैदी की पहचान बरौली थाना क्षेत्र के बलरा गांव निवासी मोहम्मद नुरैन के पुत्र इरशाद आलम के रूप में की गई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।
पासपोर्ट के फर्जीवाड़े मामले में भेजा गया था जेल
जानकारी के अनुसार, मृतक इरशाद आलम को बरौली थाना पुलिस ने बीते 2 जून को कथित रूप से डुप्लीकेट पासपोर्ट बनवाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में चनावे मंडल कारा भेज दिया था। जेल जाने के महज कुछ ही दिनों के भीतर अचानक उसकी मौत हो जाने से कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

परिजनों ने लगाया जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
कैदी की मौत की खबर मिलते ही सदर अस्पताल पहुंचे परिजनों में गहरा आक्रोश और शोक देखा जा रहा है। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इरशाद पूरी तरह स्वस्थ था, फिर अचानक उसकी मौत कैसे हो गई? परिजनों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है ताकि घटना के पीछे की असली सच्चाई और कारण सामने आ सके।
मेडिकल बोर्ड करेगा पोस्टमार्टम, होगी वीडियोग्राफी
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सदर अस्पताल प्रबंधन ने कड़े कदम उठाए हैं। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, चूंकि कैदी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, इसलिए शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक विशेष मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया जाएगा। इसके साथ ही, जांच में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है।
जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद से चनावे मंडल कारा की सुरक्षा और कैदियों की देखरेख की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों के हंगामे की आशंका को देखते हुए अस्पताल और आस-पास के इलाकों में पुलिस बल को सतर्क कर दिया गया है। फिलहाल, सभी को पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों से पर्दा उठ सकेगा।

