सतीश सिंह, गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में 995 करोड़ से अधिक लागत की 14 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छी सरकार आने पर विकास और विरासत संरक्षण साथ-साथ चलते हैं. उन्होंने कहा कि आज गोरखपुर विकास, निवेश और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहचान बना रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से दस वर्ष पहले गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में कोई निवेश नहीं होता था और न ही कोई फैक्ट्री लगती थी. इसकी सबसे बड़ी वजह भय और असुरक्षा का माहौल था. उन्होंने कहा कि उस समय गोरखपुर की पहचान माफिया और मच्छरों के कारण होने वाली इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से जुड़ गई थी.
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सीएम ने कहा कि पहले हजारों मासूम बच्चे हर वर्ष इंसेफेलाइटिस की चपेट में आते थे. कुशीनगर, संतकबीरनगर, देवरिया, बलरामपुर और श्रावस्ती सहित पूर्वांचल के कई जिलों में यह बीमारी बड़ी चुनौती बनी हुई थी, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई. गरीबों की पीड़ा को नजरअंदाज किया जाता था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की लंबी श्रृंखला तैयार हुई है और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है. इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है, जिससे हजारों बच्चों का जीवन सुरक्षित हुआ है. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार और माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई का ही परिणाम है कि आज गीडा निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है. औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं. गोरखपुर अब भय नहीं, बल्कि विकास, निवेश और सुशासन की पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है.


