गोरखपुर में केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त नगर वन योजना के तहत तीन स्थानों पर विकसित वन क्षेत्र जल्द लोगों को उपलब्ध होने की संभावना है. इन नगर वनों में हरियाली के साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स, साइकिल ट्रैक, ओपन जिम और जॉगर्स पार्क जैसी सुविधाएं होंगी.

गोरखपुर. केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त नगर वन योजना के तहत गोरखपुर में तीन नगर वन विकसित किए गए हैं. प्रत्येक नगर वन 50-50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तैयार किया गया है और इनका 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है. परियोजनाओं का लोकार्पण अक्टूबर माह में होने की संभावना बताई जा रही है.

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से गोरखपुर समेत प्रदेश के पांच जिलों में नगर वन परियोजना का शुभारंभ किया था. इस योजना के तहत लोगों को स्मृति वन, आरोग्य वाटिका, नक्षत्र वाटिका और हरिशंकरी वाटिका से जुड़ने का अवसर मिलेगा.

मिलेंगी कई सुविधाएं

नगर वन में एडवेंचर स्पोर्ट्स, साइकिल ट्रैक, पाथवे, ओपन जिम, जॉगर्स पार्क, बेंच पाथवे, ताल और शौचालय जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं. वन विभाग की योजना इन सुविधाओं के माध्यम से लोगों को आकर्षित करने और उन्हें प्रकृति के बीच मनोरंजन का अवसर देने की है.

प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) शुभम सिंह के अनुसार, तीनों नगर वन में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया कि विभाग अब इनके लोकार्पण की तैयारी की ओर बढ़ रहा है, जिससे शहर के नजदीक वन क्षेत्र में लोगों को विचरण करने और सेहत का लाभ उठाने का अवसर मिल सके.

यहां बने नगर वन

रजही-सूबा बीट और चिड़ियाघर के पास 50-50 हेक्टेयर में वन क्षेत्र विकसित किए गए हैं. इनकी पांच फीट ऊंची जालीदार बाउंड्री की गई है. दो-दो करोड़ रुपये की लागत से इन वन क्षेत्रों को तैयार किया जा रहा है और रेलवे तथा रोडवेज से इनकी दूरी अधिकतम 5 से 6 किलोमीटर है.

तीनों नगर वन कुसम्ही वन क्षेत्र के रामगढ़ कंपार्टमेंट नंबर दो, गोरखपुर-देवरिया मार्ग स्थित सूबा बीट और चिड़ियाघर के पास 50-50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित किए गए हैं. गोरखपुर समेत प्रदेश के पांच जिलों में नगर वन परियोजना का शुभारंभ किया गया था.

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

शहरवासियों के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से लाई गई इस योजना के तहत लोग प्रकृति के बीच सैर, विश्राम और हरियाली का आनंद ले सकेंगे. इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं भी यहां उपलब्ध होंगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर गोरखपुर में दो अन्य नगर वन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली थी. इसके बाद तिकोनिया रेंज के शुरुआत और चिड़ियाघर के निकट 50-50 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर विकास कार्य शुरू कराया गया.

हालांकि बजट समाप्त होने के कारण नवंबर 2023 में तीनों स्थलों पर निर्माण कार्य रुक गया था. वर्ष 2025 में दोबारा धन प्राप्त होने के बाद काम फिर शुरू किया गया और अब सभी परियोजनाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं.