चंडीगढ़/फरीदकोट। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी (PRTC) कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को प्रदेश भर में हड़ताल का आह्वान किया गया है, जिसके चलते पंजाब की सरकारी बसें डिपो से बाहर नहीं निकलेंगी। इस हड़ताल से आम जनता और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अपनी नाराजगी जताते हुए अस्थायी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। फरीदकोट डिपो के कर्मचारी नेता हरप्रीत सिंह सोढ़ी ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने और विभाग को सुचारू रूप से चलाने में विफल रही है। उन्होंने कहा, “चुनाव से पहले सीएम ने कॉर्पोरेट घरानों को खत्म करने और सरकारी बसें बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन आज सरकार निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘किलोमीटर स्कीम’ के तहत टेंडर ला रही है।”

जेलों में बंद साथियों की रिहाई पर अड़ी यूनियन
हड़ताल का एक मुख्य कारण कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी है। यूनियन का आरोप है कि पिछले दो महीनों से उनके कई साथियों को जबरन जेलों में रखा गया है। सरकार और परिवहन मंत्री बार-बार आश्वासन देने के बावजूद अब रिहाई के लिए शर्तें रख रहे हैं, जिसे यूनियन ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार पुलिस के दम पर उनकी आवाज दबाना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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