अमृतसर । श्री गुरु ग्रंथ साहिब से संबंधित मामले में पंजाब सरकार द्वारा एसआईटी ‘सिट’ की घोषणा करने पर तीखी प्रतिक्रिया देते शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सरकार द्वारा धर्म और धार्मिक संस्थानों के अंदरूनी प्रबंधकीय मामलों में दखल देना न सिर्फ गैर जरूरी है, बल्कि सिख परंपराओं के खिलाफ और श्री अकाल तख्त साहिब को सीधी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब से संबंधित इस मामले पर पहले ही श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जांच कमेटी गठित की गई थी, जिसने पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ जांच की। इस जांच के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार शिरोमणि कमेटी द्वारा दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी को कोई रियायत नहीं दी गई है और जांच के दौरान उठाए गए सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई है। जांच कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है कि यह मामला कुछ कर्मचारियों द्वारा की गई पैसों की हेराफेरी से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा इसे जानबूझकर राजनीतिक रंग देना सिख भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने के समान है, जो किसी भी तरह से सही नहीं है। ऐसा करके सरकार श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती दे रही है।
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