चंडीगढ़। लोक भवन में आज फिल्म ‘नालंदा महाविहार’ की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा के राज्यपाल Aseem Kumar Ghosh ने हिस्सा लिया। इस दौरान हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी मौजूद रहीं। स्क्रीनिंग के बाद राज्यपाल ने फिल्म की सराहना करते हुए इसे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सहेजने का एक ईमानदार प्रयास बताया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि नालंदा केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान का वैश्विक केंद्र था, जहां दुनिया भर से विद्वान, भिक्षु और ज्ञान के जिज्ञासु पहुंचते थे। उन्होंने कहा कि यह भारत की बौद्धिक श्रेष्ठता और सांस्कृतिक वैभव का शाश्वत प्रतीक रहा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।
राज्यपाल ने कहा कि फिल्म ‘नालंदा महाविहार’ मनोरंजन के साथ-साथ एक मजबूत सामाजिक संदेश भी देती है। इसका उद्देश्य समाज में जागरूकता पैदा करना और लोगों को उन मूल्यों पर सोचने के लिए प्रेरित करना है, जो बेहतर और सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में मददगार बनते हैं।

फिल्म के प्रोड्यूसर दीपक दीवान और निर्देशक अरविंद गुप्ता हैं। इस मौके पर हरियाणा की पूर्व मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा, राज्यपाल के सचिव विजयकुमार भाविकट्टी, एडीसी धीरज सेतिया समेत फिल्म की कास्ट और क्रू के सदस्य भी मौजूद रहे।