राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में अब अधोसंरचनात्मक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी उतनी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ किया है कि राज्य सरकार आधुनिक सड़क एवं परिवहन नेटवर्क के निर्माण के साथ हरित विकास की अवधारणा पर तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने राजधानी भोपाल की अयोध्या बायपास परियोजना को विकास और पर्यावरण संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए बड़ा ऐलान किया है। परियोजना के तहत पर्यावरण की रक्षा के लिए जितने पेड़ कटेंगे उससे दस गुना अधिक पौधे रोपे जाएंगे।
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7871 पेड़ों के बदले लगेंगे 80 हजार पौधे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक अयोधिया बायपास परियोजना के निर्माण के दौरान पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे इसके लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। सड़क निर्माण के रास्ते में आने वाले 7871 वृक्षों के स्थान पर प्रदेश में 80 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसमें अकेले 10 हजार पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए लगाए जाएंगे।
20 करोड़ के बजट के साथ 15 साल तक देखभाल की जिम्मेदारी
अक्सर पौधे लगाने के बाद उनके रखरखाव में कमी और सूखने की शिकायतें आती हैं लेकिन इस बार सरकार ने इसका भी पुख्ता इंतजाम किया है। इन पौधों के संरक्षण और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी एनएचआई (NHAI) के पास 15 वर्षों के लिए होगी। पौधों के सही ढंग से पनपने और उनकी सुरक्षा के लिए करीब 20 करोड़ रूपए का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है।
आधुनिक निर्माण और पर्यावरण एक-दसूरे के पूरक
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आधुनिक अधोसंरचनात्मक निर्माण र पर्यावरणीय दायित्व एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक बन सकते हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और NHAI के सहयोग से मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इससे राज्य में क्षेत्रीय संपर्क, आर्थिक गतिविधियों, निवेश, औद्योगिक विकास और पर्यटन को एक नई रफ्तार मिल रही है।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भरोसा जताया कि मध्य प्रदेश बहुत जल्द आधिनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन नेटवर्क के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। राज्य शासन द्वारा इस पूरी परियोजना की नियमित समीक्षा भी की जा रही है।

