अहमदाबाद। गुजरात में इस वर्ष जनवरी से अगस्त की अवधि के दौरान तेज बुखार (हाई फीवर) के आपातकालीन मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 108 इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आठ महीनों में राज्यभर से तेज बुखार के 45,272 केस दर्ज हुए हैं। पिछले वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह आंकड़ा 41,464 था। यानी एक वर्ष में ऐसे आपातकालीन मामलों में 9.18 प्रतिशत की सीधी वृद्धि हुई है।
108 एंबुलेंस सेवा के जनसंपर्क अधिकारी विकास बिहानी ने बताया कि जिलेवार आंकड़ों में कुछ क्षेत्रों में यह वृद्धि काफी ज्यादा रही है, तो कुछ जिलों में राहत भी देखने को मिली है।
कच्छ में मामले दोगुने से अधिक बढ़े
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि सबसे तीव्र वृद्धि कच्छ जिले में हुई है। यहां हाई फीवर के मामले 2025 के 1,074 से बढ़कर इस वर्ष 2,368 तक पहुंच गए, जो कि 120 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी है। इसके अलावा अन्य प्रभावित जिलों में:
- मोरबी: 53% वृद्धि
- साबरकांठा: 45% वृद्धि
- पाटण: 39% वृद्धि
- खेड़ा: 39% वृद्धि
- देवभूमि द्वारका: 38% वृद्धि
चार प्रमुख शहरों की स्थिति
- अहमदाबाद: सबसे अधिक केस वाले इस शहर में मामलों में 1.99% की कमी आई है (10,283 से घटकर 10,078 केस)।
- सूरत: 8.41% की बढ़ोतरी के साथ मामले 6,228 से बढ़कर 6,752 हो गए।
- राजकोट: 10.84% वृद्धि दर्ज की गई (1,532 से बढ़कर 1,698 केस)।
- वडोदरा: 1.21% की मामूली बढ़त के साथ केस 1,489 से 1,507 पहुंचे।
इन जिलों में मिली राहत
राज्य के कुछ जिलों में मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। डांग में 13.31%, नवसारी में 11.55%, सुरेंद्रनगर में 6.60%, वलसाड में 5.78% और छोटा उदेपुर में 5.69% की कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग इन आंकड़ों के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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