पटियाला। मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने उन पर 5 करोड़ रुपए रिश्वत के आरोपों को बेबुनियाद बताया, इस सफाई के साथ गुरुप्रीत के सख्त तेवर नजर आए. उन्होंने कहा कि वह किसी से नहीं डरती हैं…. ना वो किसी से कल डरी है ना आज डरी हैं और ना ही कल डरेंगी. उन्होंने आरोप लगाने वालों को चुनौती दी कि वे अपने आरोपों को साबित करें. साथ उन्हें कानूनी नोटिस भी जारी किया है.

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए डॉ. मान ने कहा कि ये आरोप मुख्यमंत्री को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं हैं. उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लल्ली गिल भी मौजूद थीं. उन्होंने कहा, “वे मुझ पर क्या आरोप लगाते हैं, इससे मुझे कोई डर नहीं है. मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि वे अपने आरोपों को साबित करें या कानूनी कार्रवाई का सामना करें.

यह है मामला

आपको बता दें की यह आरोप पिछले हफ्ते पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह (रिटायर्ड) ने लगाए थे. उन्होंने दावा किया था कि डॉ. मान ने कथित तौर पर रेप केस के एक आरोपी से 5 करोड़ रुपये मांगे थे और एक बिजनेसमैन के खिलाफ दर्ज केस को खत्म करने में मदद करने की पेशकश की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि डॉ. मान का एक करीबी रिश्तेदार आरोपी के लगातार संपर्क में था और उस पर पैसे देने और खुद को बचाने के लिए दबाव डाल रहा था.

कल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इन आरोपों का संज्ञान लिया और पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से इस मामले में दो हफ़्ते के अंदर ‘की गई कार्रवाई की रिपोर्ट’ (Action Taken Report) मांगी. इसके तुरंत बाद, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया कि उन्होंने पूर्व जज को कानूनी नोटिस भेजा है.