गुरुग्राम। गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान शुक्रवार सुबह काफिले के सामने अचानक आकर काले झंडे दिखाने और ‘गो बैक’ के नारे लगाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सुरक्षा में हुई गंभीर चूक को लेकर पुलिस प्रशासन ने सिविल लाइंस थाने के एसएचओ विजेंद्र कुमार समेत कुल 10 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शुक्रवार रात आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्यमंत्री के काफिले के आगे यह प्रदर्शन कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज डावर और वर्धन यादव के नेतृत्व में किया गया था। पुलिस ने मामले में दर्ज एफआईआर में पंकज डावर और वर्धन यादव को भी नामजद किया है। हालांकि, दोनों नेता फिलहाल कहां हैं, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है और उनके फोन भी बंद आ रहे हैं।
पुलिस हिरासत की अटकलें और थाने पर जमावड़ा
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने पंकज डावर और वर्धन यादव को भी हिरासत में ले रखा है। हालांकि, पुलिस इस बारे में कोई भी जानकारी देने से बच रही है। दूसरी तरफ, कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद शनिवार दोपहर कई कांग्रेसी सिविल लाइंस थाने के बाहर जमा हो गए। थाने के बाहर मौजूद कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता केस के बारे में लगातार अपडेट ले रहे हैं।
एसएचओ समेत 10 पुलिसकर्मी निलंबित
सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई बरतने पर कुल 10 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। निलंबित पुलिसकर्मियों में से नौ सिविल लाइंस थाने में तैनात थे, जबकि एक एसआईएस ब्रांच के एएसआई अमित कुमार हैं। सिविल लाइंस थाने से निलंबित होने वालों में एसएचओ विजेंद्र कुमार, दो एएसआई, कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल शामिल हैं। उधर, सिविल लाइंस थाना पुलिस गिरफ्तार किए गए सभी आठों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डीसीपी वेस्ट के समक्ष पेश करने के लिए लेकर गई है।
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