गुरुग्राम की साइबर दक्षिण थाना पुलिस ने शेयरों और आईपीओ में निवेश के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह के एक मुख्य मददगार को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी ठगों को फर्जी तरीके से बैंक खाते उपलब्ध कराता था।
सुशीला देवी, गुरुग्राम। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुग्राम पुलिस ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान रेवाड़ी जिले के गांव लुलाहिर निवासी रोहित के रूप में हुई है। पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल 23 जून 2025 को थाना साइबर दक्षिण में एक पीड़ित व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसे आईपीओ (IPO) और शेयर मार्केट में निवेश कर बेहद कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर करीब 23 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी का शिकार बनाया गया था।
नौकरी का झांसा देकर बनाया बंधक
पीड़ित की इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर गहन तकनीकी जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि ठगी की कुल रकम में से 3 लाख रुपये एक ऐसे बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, जिसे आरोपी रोहित और उसके साथियों ने एक गहरी साजिश के तहत खुलवाया था। इन शातिर आरोपियों ने पहले एक सीधे-साधे व्यक्ति को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उसका बैंक खाता खुलवा लिया। इसके बाद आरोपियों ने क्रूरता दिखाते हुए उस व्यक्ति को बंधक बना लिया और उसके इसी खाते का इस्तेमाल ठगी की पूरी रकम को अलग-अलग जगह ठिकाने लगाने में किया।
कमीशन के चक्कर में पहुंचा जेल
इस पूरे अवैध और काले कारोबार के बदले आरोपी रोहित को साइबर ठगों से मोटा कमीशन मिलता था। इस Gurugram Cyber Fraud Arrest के मामले में मुस्तैद पुलिस टीम ने आरोपी को 30 मई 2026 को गुरुग्राम के इलाके से घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पकड़े गए आरोपी से पुलिस रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जा रही है। इस बैंक खाता सप्लायर गिरोह और मुख्य ठगी से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि आगामी जांच में इस रैकेट से जुड़े और भी कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

