गुरुग्राम पुलिस ने अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़ा एक्शन लिया है। एक हफ्ते में 5 करोड़ की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया गया।

सुशीला देवी, गुरुग्राम। पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए एक कड़ा संदेश दिया है। पुलिस ने अपराध की कमाई से खड़ी की गई अवैध संपत्तियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। 4 जून से 10 जून के बीच क्राइम ब्रांच की टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए चार आदतन अपराधियों की करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से बदमाशों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान अपराधियों के हौसले पस्त करने और उनके आर्थिक साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने के उद्देश्य से चलाया गया है, ताकि शहर में कानून का राज बना रहे।

50 से अधिक दर्ज हैं मुकदमे

यह सख्त कार्रवाई उन आरोपियों के खिलाफ की गई है, जिनके खिलाफ चोरी, नशा तस्करी, अवैध वसूली, हत्या के प्रयास, मारपीट, आपराधिक धमकी और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर धाराओं में 50 से अधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि इन बदमाशों ने अपराध से अर्जित काले धन के बल पर मकान, दुकानें और अन्य अवैध निर्माण खड़े किए थे। इन संपत्तियों का इस्तेमाल वे इलाके में अपना दबदबा कायम करने और आपराधिक गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा देने में कर रहे थे। गुरुग्राम क्राइम ब्रांच अब तक कुल 32 कुख्यात अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई कर चुकी है और यह क्रम लगातार जारी है।

अपराध छोड़ो या शहर छोड़ो संदेश

गुरुग्राम पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अपराधियों के उस आर्थिक नेटवर्क को तोड़ना है, जो अपराध के दम पर पनप रहा है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि गुरुग्राम में अपराध और भूमाफियागिरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसे अभियानों को और अधिक तेज किया जाएगा। पुलिस का यह रुख बदमाशों के लिए एक चेतावनी है कि या तो वे अपराध का रास्ता छोड़ दें या फिर गुरुग्राम छोड़ दें। पुलिस प्रशासन का कहना है कि समाज को भयमुक्त बनाने के लिए अपराधियों के खिलाफ हर संभव कदम उठाया जाएगा। आम जनता ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे शहर में शांति बहाली के लिए जरूरी बताया है।