गुरुग्राम पुलिस ने क्रेडिट कार्ड उपभोक्ताओं को रिवॉर्ड प्वाइंट का झांसा देकर लाखों की साइबर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।
सुशीला देवी, गुरुग्राम। क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वाइंट को बिल में समायोजित कराने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का गुरुग्राम पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटोरोला वॉकी-टॉकी सेट, एक्सिस बैंक के नाम पर तैयार की गई फर्जी कॉलिंग स्क्रिप्ट और क्रेडिट कार्ड उपभोक्ताओं का डेटा बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, 5 मार्च 2026 को एक व्यक्ति से खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताकर कॉल की गई और रिवॉर्ड प्वाइंट का लाभ दिलाने का झांसा देकर उसके खाते से ₹83,305 की ठगी कर ली गई। शिकायत के आधार पर थाना साइबर अपराध पश्चिम में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दिल्ली के इलाकों से हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों से फरमान, सत्य प्रकाश, नरेंद्र सिंह, अरविंद कुमार, विनोद और आसिफ को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सत्य प्रकाश पीओएस एजेंट के जरिए सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। इन्हीं सिमों का इस्तेमाल कर आरोपी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे और रिवॉर्ड प्वाइंट एडजस्ट कराने के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस अब आरोपियों से अन्य राज्यों में की गई साइबर वारदातों और उनके नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। मामले की जांच जारी है।
साइबर ठगी से बचने की अपील
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाली संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें। कोई भी प्रतिष्ठित बैंक कभी भी फोन पर ग्राहकों से उनके क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी या ओटीपी नहीं मांगता है। इस तरह के फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह सीधे तौर पर मासूम उपभोक्ताओं को अपना निशाना बनाते हैं। पुलिस टीम अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि ठगी गई पूरी रकम को बरामद किया जा सके।

