कुंदन कुमार, पटना। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने तीखा हमला बोला है। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रविशंकर प्रसाद ने चिदंबरम के बयान को गैर-जिम्मेदाराना और आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि, चिदंबरम खुद देश के पूर्व गृह मंत्री और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री के बयान के संदर्भ और मंशा को समझना चाहिए था।
दरअसल कल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने 2047 तक विकसित भारत का रोडमैप रखा। इसी दौरान उन्होंने देश में माओवाद और नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बावजूद कुछ लोगों में मानसिक रूप से नक्सली सोच बनी हुई है प्रधानमंत्री के इसी बयान पर पी. चिदंबरम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे भी ‘दिमागी रूप से नक्सली’ हैं।
चिदंबरम के इसी बयान को लेकर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, देश में माओवाद और नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार ने निर्णायक लड़ाई लड़ी है और आज बस्तर समेत उन इलाकों में तिरंगा शान से लहरा रहा है, जहां कभी नक्सलवाद का प्रभाव था।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नीति और मोदी सरकार के प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी चुनाव प्रचार करना भी मुश्किल था, वहां आज लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हुई है।
बीजेपी सांसद ने कांग्रेस पर माओवाद और नक्सलवाद के प्रति नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चिदंबरम का बयान कांग्रेस के इसी ‘इकोसिस्टम’ की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ और ‘अर्बन नक्सल’ जैसे शब्दों को इसी सोच का हिस्सा बताया।
रविशंकर प्रसाद ने छत्तीसगढ़ में अपने अनुभव का जिक्र करते हुए नक्सली हिंसा की घटनाओं को भी याद किया और कहा कि लोकतंत्र की लड़ाई में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हिंसा का सामना करने के बावजूद संघर्ष जारी रखा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में कांग्रेस नेतृत्व की ओर से वंदे मातरम के पूरे गायन को लेकर आपत्ति जताई गई।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व का राष्ट्रगीत को लेकर ऐसा रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस से देश से माफी मांगने की मांग की।
कुल मिलाकर ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी वार-पलटवार तेज हो गया है। रविशंकर प्रसाद ने जहां चिदंबरम के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की, वहीं वंदे मातरम के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरने की कोशिश की।
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