हांसी के सैनियान मोहल्ला में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने के चलते स्थानीय नागरिकों का गुस्सा बिजली विभाग के अधिकारियों पर फूट पड़ा। भीषण उमस और गर्मी के बीच समाधान न मिलने और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जवाब न देने से नाराज लोगों ने कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।

नवीन शर्मा, हांसी। जिले के सैनियान मोहल्ला में पिछले दो दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उमस भरी गर्मी में बिजली नहीं होने से लोगों का जनजीवन प्रभावित है। नाराज कॉलोनीवासियों ने बिजली विभाग के एक्सईएन सुरिंदर मेहरा का घेराव किया, लेकिन एक्सईएन कार्यालय में नहीं मिले। फिर इसके बाद एसडीओ के ऑफिस में शहरवासी पहुंचे। एसडीओ मोहन लाल का जेई एवं लाइनमैन ने फोन नहीं उठाया। लेकिन बाद में एसडीओ मोहन लाल ने भी कैमरे पर बयान देने से यह कहकर इनकार कर दिया कि वे अधिकृत नहीं हैं। लेकिन उनका यह बयान रिकॉर्ड हो गया। जब उनको पता चला कि यह बयान उनका रिकॉर्ड हो गया है, तो वे अपनी कुर्सी छोड़कर उठ खड़े हुए। क्या लोगों के प्रति बिजली विभाग की यही जिम्मेवारी बनती है?

बढ़ा बिजली का संकट

आपको बता दें कि ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब दो दिनों से लोग उमस भरी गर्मी में बिजली संकट झेल रहे हैं, तब विभाग की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने आकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहा? यदि मीडिया के सवालों का भी जवाब नहीं दिया जाता, तो आम लोगों की शिकायतों का समाधान किस तरह होगा? यह चिंताजनक विषय जरूर है। हांसी के सैनियान मोहल्ला के लोग पिछले दो दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से भीषण गर्मी और उमस में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है।

अधिकारी ने छोड़ा कार्यालय

टीम ने बिजली विभाग के एसडीओ मोहन लाल से लोगों की समस्याओं और लगातार दो दिनों से बिजली गुल रहने को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने यह कहते हुए बयान देने से इनकार कर दिया कि वह इस विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं। कैमरा ऑन होने का पता चलते ही वह अपनी कुर्सी से उठकर वहां से चले गए।

स्थानीय निवासियों के आरोप

माया देवी का आरोप है कि उन्होंने बिजली विभाग में कई बार शिकायत दर्ज कराई और अधिकारियों को फोन भी किए, लेकिन न तो फोन उठाया गया और न ही समस्या का समाधान किया गया। वार्ड नंबर 26 के पार्षद दुलीचंद भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूरे इलाके में दो दिनों से बिजली नहीं है और विभाग के अधिकारी लोगों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे। संतोष देवी ने बताया कि जल्द बिजली बहाल करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

वहीं बिजली विभाग के एसडीओ मोहन लाल से लोगों की समस्याओं और बिजली संकट पर जवाब जानना चाहा, तो उन्होंने यह कहते हुए कैमरे पर बयान देने से इनकार कर दिया कि वे इस विषय पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं। उनका यह बयान कैमरे में कैद हो गया है और वे अपनी कुर्सी छोड़कर उठ खड़े हुए।

अब बड़ा सवाल यह है कि जब लोग दो दिनों से बिजली संकट झेल रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं, तो आखिर इस समस्या का समाधान कब होगा और लोगों को राहत कब मिलेगी?