अजय सैनी, भिवानी. हरियाणा सरकार द्वारा जनता की समस्याओं के तुरंत निपटारे के लिए शुरू किए गए समाधान शिविर धरातल पर कितने खोखले साबित हो रहे हैं, इसकी एक बानगी स्थानीय हनुमान गेट क्षेत्र में देखने को मिल रही है। समाधान शिविर में शिकायत दर्ज कराने के 25 दिन बाद भी समस्या का समाधान तो हुआ, लेकिन उस समाधान ने आम जनता और दुकानदारों की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ा दी। प्रशासन की इस घोर लापरवाही और उदासीनता के खिलाफ शुक्रवार को स्थानीय हनुमान गेट पर क्षेत्रवासियों ने वार्ड नंबर-25 के पार्षद विनोद प्रजापति के नेतृत्व में संबंधित विभाग के खिलाफ रोष जताया।


पार्षद विनोद प्रजापति ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष जताते हुए बताया कि उन्होंने करीबन 25 दिन पहले भिवानी में आयोजित सरकार के समाधान शिविर में बकायदा लिखित शिकायत दर्ज करवाकर हनुमान गेट क्षेत्र के नालों की सफाई की मांग उठाई थी। शिकायत के बाद प्रशासन जागा तो सही, लेकिन औपचारिकता निभाकर शांत बैठ गया। नालों की सफाई बेहद ही कछुआ चाल से और कुछ हद तक ही की गई। पार्षद ने आरोप लगाया कि सबसे बड़ी लापरवाही सफाई के बाद देखने को मिली। कर्मचारियों ने नालों से जो सड़ी-गली गंदगी और गाद बाहर निकाली, उसे मौके से उठाने की जहमत ही नहीं उठाई। पिछले कई दिनों से यह बदबूदार गंदगी हनुमान गेट के मुख्य मार्ग और आस-पास के क्षेत्र में सडक़ों पर ही बिखरी पड़ी है। इस वजह से पूरे इलाके में भयंकर बदबू और नारकीय माहौल बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि जिस बदबूमय और सड़ांध भरे माहौल में यहां के दुकानदार और स्थानीय नागरिक पिछले 25 दिनों से नरक भोग रहे हैं, वहां कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मात्र एक घंटा भी नहीं बैठ सकता। ऐसी बदतर स्थिति यहां की बना दी गई है।
पार्षद विनोद प्रजापति ने सीधे तौर पर अधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि इसकी शिकायत वे बार-बार जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईन और जेई को दे चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। उन्होंने कहा कि फिलहाल मानसून यानी बारिश का मौसम चल रहा है। ऐसे में खुले में पड़ी यह सडक़ों की गंदगी सीधे तौर पर हैजा, मलेरिया और डेंगू जैसी भयानक महामारियों को न्यौता दे रही है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे जिला प्रशासन शहर में किसी बड़ी बीमारी के फैलने या किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी तंत्र ही नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं और उनकी जान-माल की सुरक्षा की तरफ ध्यान नहीं देगा, तो फिर जनता अपनी गुहार लेकर किसके पास जाए।


विनोद प्रजापति ने रोष जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के दावों के उलट भिवानी में समाधान शिविर के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जब एक पार्षद द्वारा समाधान शिविर में लगाई गई शिकायत पर 25 दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो आम जनता की क्या सुनवाई होती होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उन्होंने इसे बेहद निंदनीय बताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस गंदगी को उठाकर नालों को सुरक्षित तरीके से बंद नहीं किया गया, तो वे स्थानीय जनता को साथ लेकर उग्र प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे।