अखिलेश बिल्लोरे, हरदा। जिले की टिमरनी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत नयागांव में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की कथित लापरवाही से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव में नल-जल योजना आज तक सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी, जबकि ठेकेदार और विभाग द्वारा इसे पंचायत को हैंडओवर किए जाने की बात कही जा रही है। ज़मीनी हकीकत यह है कि करीब 1800 से 2000 की आबादी वाला यह गांव आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें पड़ोस के घरों से पाइप के जरिए पानी लेना पड़ रहा है, जिसके बदले 300 से 400 रुपये प्रतिमाह चुकाने पड़ते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर यह अतिरिक्त बोझ साफ दिखाई देता है। गांव में मौजूद दो शासकीय हैंडपंपों पर दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने तो शासकीय हैंडपंप खोलकर उसमें मोटर डाल ली है और निजी उपयोग के लिए पानी खींच रहा है, पानी की टंकी तो बनी हुई है लेकिन आज तक चालू नहीं हो पाई। जिससे अन्य ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा।
पेयजल संकट के साथ-साथ गांव में स्वच्छता व्यवस्था भी बदहाल है। नालियां समय पर साफ नहीं हो रही हैं, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और कीचड़ से सने रास्ते आवागमन में बाधा बन रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सरपंच को अवगत कराने के बावजूद नल-जल योजना चालू नहीं कराई गई। केवल कुछ घरों में पानी की सप्लाई हो रही है बाकी पूरे गांव में पानी की सप्लाई शुरुआत से ही ठप है।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर योजना को शुरू कराए, हैंडपंपों को अतिक्रमण से मुक्त कराए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि गांव को मूलभूत सुविधा पेयजल का अधिकार मिल सके।

