प्रदीप मालवीय, उज्जैन। अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक महंत हरि गिरि महाराज सोमवार को उज्जैन पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विश्व शांति की कामना की। हरि गिरी महाराज ने वैश्विक स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए बाबा महाकाल से सम्पूर्ण विश्व में शांति स्थापित हो ऐसी कामना की।
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दर्शन के बाद महंत हरि गिरी महाराज ने अखाड़ा परिषद अध्यक्ष को लेकर चल रहे विवाद पर पलटवार करते हुए महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी महाराज के बयान पर कहा कि हर कोई पद की लालसा रखता है। इसके लिए बहुत प्रयास की जरूरत होती है। हरिद्वार, प्रयागराज कुंभ हमने किया और अब नासिक में कुंभ की तैयारी में वहां की सरकारों के साथ जुटे हैं। जहां भी कुंभ आता है इस तरह की बातें व भ्रम फैलाने की कोशिश होती है लेकिन हकीकत क्या है सबको पता है।
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उन्होंने आगे कहा, ‘सपना देखना कोई अपराध नहीं है न ही कोई बुरी बात है। जैसे देश की हर राजनीतिक पार्टी यही चाहती है कि सरकार उनकी बने और राजनेता चाहते हैं कि वह मोदी की कुर्सी पर बैठे। ठीक ऐसा ही कुछ सपना महानिर्वाणी अखाड़े के रवींद्र पुरी भी देख रहे हैं। जबकि अखाड़ा परिषद का गठन प्रमुख 13 अखाड़े के दो राष्ट्रीय पदाधिकारी मिलकर तय करते हैं। किसी एक के कहने से कुछ नहीं होता। पहले से अखाड़ा परिषद अपना काम कर रही है। उज्जैन में न तो कोई चुनाव प्रक्रिया हुई न ही ऐसा कोई एजेंडा था।

