देहरादून. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने आगामी महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार और भाजपा को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने विकास का दिखावा करने जैसे आरोप लगाए हैं. उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि ‘लोग विकास से संबंधित सवाल न उठाएं!’

रावत ने एक्स पर लिखा है कि ‘भारतीय जनता पार्टी ने सुनियोजित तरीके से राज्य में चुनाव की तिथि से लगभग एक वर्ष पहले ही चुनावी वातावरण तैयार करना शुरू कर दिया है. अब चर्चा विकास, रोजगार और जनकल्याण की नहीं, बल्कि केवल चुनाव और उम्मीदवारों की होने लगी है. मजबूरी में अन्य राजनीतिक दलों को भी इन्हीं मुद्दों के इर्द-गिर्द उलझाया जा रहा है. परिणाम यह है कि विकास जैसे मूल प्रश्न पीछे छूटते जा रहे हैं.’

इसे भी पढ़ें : ‘संकल्प और प्रयास निरंतर जारी रहेंगे…’, अनिल बलूनी ने सांसद निधि से जारी की पहली किस्त, गढ़वाल राइफल्स में बनेगा आधुनिक रिक्रिएशन सेंटर

पूर्व सीएम ने लिखा कि ‘जिला योजना की राज्यभर में बंदरबांट हुई, लेकिन विरोध का स्वर मुखर नहीं हुआ. पंचायती चुनाव को एक वर्ष होने जा रहा है, मगर आज तक पंचायतों से जिला योजना के लिए चुने जाने वाले प्रतिनिधियों का चुनाव नहीं हो पाया है. धामी जी मग्न हैं और दुनिया भर के मुद्दों पर बोल रहे हैं. जिहाद की लंबी फेहरिस्त गिनाई जा रही है, लेकिन विकास, रोजगार, पलायन, वन्यजीव-मानव संघर्ष, महिला सुरक्षा और दलित उत्पीड़न जैसे गंभीर सवालों पर सरकार मौन है.’

रावत ने लिखा कि ‘होना तो यह चाहिए था कि पक्ष और विपक्ष के बीच विकास के एजेंडे पर बहस होती. भाजपा 15 वर्षों तक सत्ता में रही और कांग्रेस 10 वर्षों तक सत्ता में रही. इन वर्षों में राज्य के सामने अनेक नई और गंभीर चुनौतियां खड़ी हुई हैं. मगर आज विकास, जनसुरक्षा और जनकल्याण चुनावी चर्चाओं से लगभग गायब कर दिए गए हैं. ऐसा प्रतीत होता है मानो “विकास” कोई बेगाना शब्द बन गया हो. उत्तराखंड के समग्र विकास को विमर्श से बाहर करना भारतीय जनता पार्टी की एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति है. हमें इसका पर्दाफाश करना होगा.’