देहरादून. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से कम ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है. साथ ही बाकी संसाधनों का भी कम से कम उपयोग करने की अपील की है. इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने भाजपा नेताओं पर निशाना साधा है. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री की अपील केवल गैर-भाजपाई भारत के लिए है या उसमें सारा भारत सम्मिलित है?

रावत ने एक्स पर लिखा कि ‘प्रधानमंत्री जी की पेट्रोलियम पदार्थों आदि को लेकर देश के लोगों से की गई अपील लोगों तक ठीक से पहुंच भी नहीं पाई है. सत्ता रूढ़ दल स्वयं उस अपील की धज्जियां उड़ा रहा है. मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण में देश भर के मुख्यमंत्रीगण और पूंजीपतिगण अपने-अपने प्राइवेट जेट लेकर पहुंच रहे हैं. क्या प्रधानमंत्री जी की अपील केवल गैर-भाजपाई भारत के लिए है या उसमें सारा भारत सम्मिलित है?’

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हरीश रावत कहा कि वेस्ट एशिया संकट की वजह से तेल, नैचुरल गैस, फर्टिलाइजर वगैरह की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका बोझ देश के आम आदमी पर पड़ेगा. रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों की कीमतें बढ़ी हैं और लग्जरी चीजों की कीमतें कम हुई हैं. यह एक चुनौती है और सरकार को इसे कंट्रोल करने के लिए काम करना होगा. पीएम ने अब कुछ निर्देश जारी किए हैं सभी राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ हालात पर बात करने के लिए एक मीटिंग बुलाई जानी चाहिए.

बातें कि सीएम धामी ने आज ही सरकारी गाड़ियों की संख्या आधी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री की एनर्जी बचाने की अपील को देशहित में एक वादा बताया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एनर्जी बचाने और रिसोर्स के सही इस्तेमाल की अपील को देशहित में जरूरी बताते हुए अपनी सरकारी गाड़ियों की संख्या 50 परसेंट कम करने का निर्देश दिया है.