Kanwal Sibal: चुनाव आयोग (ECI) की ओर से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर (SIR) को रद्द और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) लगातार प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में ब़ड़ा प्रदर्शन भी करने का ऐलान किया था। हालांकि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने कार्रवाई करते हुए इसे विफल कर दिया। दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीजेपी सैंकड़ों कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया है। CJP Protest में हुई कार्रवाई का हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के 100 पूर्व छात्रों ने विरोध किया। हार्वर्ड विश्वविद्यालय (Harvard University) के पूर्व छात्रों ने कार्रवाई को पुलिस की बर्बरता करार दिया। अब इसमें कपिल सिब्बल के भाई कंवल सिब्बल की एंट्री हुई है। कंवल सिब्बल ने प्रदर्शन में ‘विदेशी हाथ’ होने का दावा किया।
मशहूर वकील कपिल सिब्बल के भाई कंवल सिब्बल ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘विदेशी हाथ साफ नजर आ रहा है. यह प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर की जा रही बाहरी लामबंदी का ही एक हिस्सा है। हार्वर्ड के पूर्व छात्र इन अराजक प्रदर्शनों में क्यों शामिल हो रहे हैं?’
बता दें कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रों ने सीनियर वकील शादान फरासत (2009 हार्वर्ड लॉ स्कूल के पूर्व छात्र) के साथ एकजुटता दिखाई है, जिनके साथ दिल्ली पुलिस पर बदसलूकी करने के आरोप लगे हैं। CJP की पॉलिसी हेड मेहर पसरीचा (हार्वर्ड कैनेडी स्कूल, 2025) को पुलिस ने हिरासत में लिया था। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के 100 पूर्व छात्रों ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में पुलिस की बर्बरता, गैर-कानूनी हिरासत और सभी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन” की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया है। पूर्व छात्रों ने मांग की है कि हम सरकार और कानून लागू करने वाली सभी एजेंसियों से अपील करते हैं कि वे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन तुरंत बंद करें, शांतिपूर्ण विरोध और कानूनी मदद पाने के अधिकारों का सम्मान करें।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रों के समूह ने दी सफाई
हालांकि बाद में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रों के आधिकारिक समूह ‘हार्वर्ड क्लब ऑफ़ इंडिया’ ने मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है और न ही उनका समर्थन किया गया है। क्लब की एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य रजत सेठी ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के कुछ पूर्व छात्रों ने संगठन का प्रतिनिधित्व किए बिना वह पत्र जारी किया था। यह स्पष्टीकरण जरूरी था क्योंकि क्लब ने विरोध प्रदर्शनों या उसके बाद हिरासत में लिए लोगों के लिए कोई बयान जारी या उसका समर्थन नहीं किया था।
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