Haryana ACB : चंडीगढ़: हरियाणा में रिश्वतखोरी पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पोस्टिंग को लेकर नई पहल की है। अब रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को उसी जिले में दोबारा तैनात नहीं करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश भेजे गए हैं। यह फैसला ACB की हाई पावर कमेटी में चर्चा के बाद लिया गया है और इसे जल्द लागू किया जाना है।
बार-बार उसी जिले में पोस्टिंग के मामले आए सामने
ACB प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला के मुताबिक, कुछ मामलों में भ्रष्टाचार की कार्रवाई का सामना कर चुके अधिकारी या कर्मचारी बाद में फिर उसी जिले में तैनात कर दिए गए। ब्यूरो का मानना है कि ऐसी स्थिति से भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई के उद्देश्य पर असर पड़ सकता है और लोगों के भरोसे पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से सभी सरकारी विभागों को ऐसे मामलों में दोबारा उसी जिले में पोस्टिंग से बचने के लिए कहा गया है।
190 अधिकारी-कर्मचारी निगरानी के दायरे में
ACB ने राज्य में ऐसे 190 अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें या इनपुट बार-बार मिले हैं। ब्यूरो इनसे जुड़ी जानकारी का विश्लेषण कर रहा है। साथ ही विभागों, कार्यालयों और उन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है जहां भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें ज्यादा सामने आ रही हैं।
2026 में अब तक 138 ट्रैप कार्रवाई
ACB प्रमुख के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 138 सफल ट्रैप कार्रवाई की जा चुकी हैं, जिनमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। ब्यूरो का कहना है कि इन मामलों में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच और अदालत में मामलों की प्रभावी पैरवी पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
21 मामलों में 23 दोषियों को सजा
ACB के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 से अब तक विभिन्न अदालतों ने 21 मामलों में 23 अधिकारियों और कर्मचारियों को सजा सुनाई है। ब्यूरो का फोकस रिश्वत के मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ उन्हें अदालत में तार्किक अंत तक पहुंचाने पर भी है।
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