मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रेवाड़ी के रामगढ़ भगवानपुर पहुंचकर ग्रामीणों की मांगें मानीं और धरना समाप्त करवाया। उन्होंने गांव में अस्पताल, आयुर्वेदिक कॉलेज और खेल स्टेडियम निर्माण का आश्वासन दिया है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़/रेवाड़ी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रेवाड़ी दौरे के दौरान एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए करीब एक साल से चल रहे लंबे आंदोलन का सुखद अंत कर दिया। एनएच-71 के समीप स्थित गांव रामगढ़ भगवानपुर में 17 जून 2025 से विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे थे। मुख्यमंत्री सैनी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल लोगों की भावनाओं का सम्मान किया, बल्कि जनहित में बड़ी घोषणाएं करते हुए धरने पर बैठे ग्रामीणों का भरोसा जीता और उनसे धरना समाप्त करने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विकास का नया रोडमैप

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांगों को जायज ठहराते हुए घोषणा की कि गांव के पास उपयुक्त भूमि उपलब्ध होते ही वहां 200 बेड का एक आधुनिक और सुविधायुक्त अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने का भी ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए गांव में एक खेल स्टेडियम और स्वच्छ पेयजल के लिए जलघर (Water Works) के निर्माण का भी भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं पहुँचाना है, जिसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

जनता से किया वादा निभाया, विकास कार्यों को मिलेगी गति

उल्लेखनीय है कि संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने कुछ समय पहले चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास ‘संत कबीर कुटीर’ में नायब सिंह सैनी से मुलाकात की थी, जहां मुख्यमंत्री ने स्वयं रेवाड़ी आकर समाधान निकालने का वचन दिया था। मौके पर पहुँचकर धरना खत्म करवाना उनके उसी वादे की पूर्ति के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह और रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव भी मौजूद रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना की। मुख्यमंत्री के इस कदम से न केवल एक साल पुराना गतिरोध समाप्त हुआ है, बल्कि रेवाड़ी के ग्रामीण अंचल में विकास की नई लहर दौड़ने की उम्मीद जगी है।