हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने उच्च शिक्षा परिषद की बैठक में स्कूलों के सफल मॉडल को कॉलेजों में लागू करने और वाधवानी फाउंडेशन के साथ MoU करने की घोषणा की है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। पंचकूला में आयोजित राज्य उच्च शिक्षा परिषद की 5वीं बैठक के दौरान प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल स्तर पर बेहद सफल रहे ‘बुनियाद’ और ‘सुपर-100’ जैसे मॉडलों को अब प्रदेश के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में भी विस्तार दिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक कौशल और आधुनिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

उद्यमिता और कौशल विकास के लिए समझौता

बैठक का मुख्य आकर्षण हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद और प्रसिद्ध वाधवानी फाउंडेशन के बीच हुआ समझौता ज्ञापन (MoU) रहा। इस साझेदारी के तहत प्रदेश के युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति (Startup Culture) को बढ़ावा दिया जाएगा और उन्हें ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से छात्रों को उद्यमिता और तकनीकी कौशल का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि युवाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

NEP 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन

शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार के उद्देश्य से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया है। इस अभियान में सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्राध्यापकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य होगी ताकि नई नीति के लाभ हर विद्यार्थी तक पहुंच सकें। कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह कदम प्रदेश की शिक्षा प्रणाली को रोजगारपरक बनाने और युवाओं को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकता है।