कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। अपराध (Crime- अपराध) और कानून व्यवस्था क्रिमिनल कानूनों में हरियाणा बना देश का ‘सिकंदर’, पूरे भारत में नंबर-1को लेकर हरियाणा ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नए आपराधिक कानूनों (Criminal Laws- आपराधिक कानून) को लागू करने में हरियाणा अब देश का ‘सिकंदर’ बन गया है। नेशनल न्यू क्रिमिनल लॉज डैशबोर्ड पर राज्य ने पहला स्थान हासिल कर लिया है और लगातार अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।

दरअसल, मुख्य सचिव Anurag Rastogi की अध्यक्षता में हुई अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS- अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली) और इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS- आपराधिक न्याय प्रणाली समन्वय) की 33वीं राज्य स्तरीय शीर्ष समिति की बैठक में यह उपलब्धि सामने आई। बैठक में बताया गया कि 7 जून 2026 से हरियाणा नेशनल न्यू क्रिमिनल लॉज डैशबोर्ड पर नंबर-1 स्थान पर है। इतना ही नहीं, जून 2021 से अब तक 59 महीनों में 44 बार राज्य इस राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर टॉप रह चुका है।

हरियाणा की इस उपलब्धि के पीछे डिजिटल पुलिसिंग (Digital Policing- तकनीक आधारित पुलिस व्यवस्था) और न्यायिक सुधारों को बड़ी वजह माना जा रहा है। अब राज्य में सभी कोर्ट समन कोर्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम (CIS- कोर्ट सूचना प्रणाली) के जरिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किए जा रहे हैं। पुलिस और न्यायालय प्रणाली के बेहतर तालमेल के कारण नए कानूनों के तहत ई-चार्जशीट (E-Chargesheet- डिजिटल आरोप पत्र) की स्वीकार्यता 90 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच गई है, जिससे जांच और अभियोजन प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता आई है।

पुलिस महानिदेशक Ajay Singhal ने बताया कि अप्रैल 2026 में हरियाणा ने प्रगति डैशबोर्ड पर भी पहला स्थान हासिल किया था। वहीं नागरिक सेवाओं में हरियाणा पुलिस ‘हरसमय पोर्टल’ के जरिए राइट टू सर्विस (RTS- सेवा का अधिकार) डैशबोर्ड पर 10 में से 10 अंक प्राप्त कर रही है और अब तक 88.84 लाख से ज्यादा आवेदनों का तय समय में निपटान किया जा चुका है।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और तकनीक के अधिकतम उपयोग से पुलिसिंग, जांच और न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व नागरिक हितैषी बनाया जाए। साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा ICJS 2.0 के तहत हरियाणा को करीब 34 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई है, जिससे डिजिटल पुलिसिंग को और मजबूत किया जाएगा।