कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार ने 60 हजार नौकरियों का वादा कर योजना को 21 महीने में ही बंद कर दिया है, जो युवाओं के साथ अन्याय है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में रोजगार का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि युवाओं को 60 हजार नौकरियां देने का वादा महज एक चुनावी जुमला साबित हुआ है। कांग्रेस के अनुसार, सरकार ने जिस योजना के दम पर युवाओं को रोजगार का सपना दिखाया था, उसे मात्र 21 महीने के भीतर ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। चंडीगढ़ में जारी इस राजनीतिक बयानबाजी ने राज्य के युवा वर्ग के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।
नीतियों की विफलता और युवाओं के भविष्य पर सवाल
कांग्रेस का तर्क है कि हरियाणा का युवा पहले से ही देश में सबसे अधिक बेरोजगारी दर की मार झेल रहा है। ऐसे में किसी बड़ी रोजगार योजना को अचानक बंद कर देना सरकार की गंभीरता और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। विपक्ष ने इसे केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों युवाओं के साथ सीधा विश्वासघात करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करने में माहिर है, लेकिन जब उन वादों को जमीनी स्तर पर लागू करने और परिणाम देने का समय आता है, तो वह अपने हाथ पीछे खींच लेती है।
गरमाती सियासत और सरकार की चुप्पी
विपक्ष के इन कड़े तेवरों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आगामी दिनों में रोजगार का यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि प्रदेश के युवा इस पर जवाब मांग रहे हैं। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर अभी तक हरियाणा सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार की इस खामोशी को विपक्ष और अधिक मजबूती से भुनाने की कोशिश कर रहा है, जिससे आने वाले समय में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।

