सरकारी ग्रांट के दुरुपयोग के आरोप में पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया पर FIR दर्ज हुई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने दूसरों के नाम पर मिली राशि का उपयोग अपने घर की मरम्मत में किया।

गुरुग्राम। प्रदेश के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखबीर कटारिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गुरुग्राम की एक अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने उनके और चार अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार-रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है। कटारिया पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री पद पर रहते हुए अपनी महिला मित्रों के नाम पर सरकारी अनुदान (ग्रांट) जारी करवाया और उस राशि का इस्तेमाल सार्वजनिक कार्य के बजाय अपने निजी घर की मरम्मत के लिए किया। इस मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद न्यू कॉलोनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

कोर्ट के आदेश पर FIR और ग्रांट के दुरुपयोग का खुलासा

यह मामला एक साल पहले सेक्टर-12 निवासी ओम प्रकाश कटारिया द्वारा दायर की गई एक याचिका से शुरू हुआ था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सुखबीर कटारिया ने करीब 20 लाख रुपये का सरकारी अनुदान अनंत सिंह, शर्मिला देवी और बसंती देवी के नाम पर प्राप्त किया। दस्तावेजों और बिजली बिलों के आधार पर दावा किया गया है कि जिस मकान की मरम्मत के लिए यह पैसा खर्च हुआ, वह असल में पूर्व मंत्री का ही था। हालांकि, पुलिस ने पहले इस मामले में दो बार रिपोर्ट पेश कर कटारिया को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन अदालत ने उन रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा कि अनुदानों की वैधता की सही ढंग से जांच नहीं की गई।

पूर्व मंत्री का पक्ष और आगामी कानूनी स्थिति

अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह एक बेहद गंभीर अपराध है और इसकी निष्पक्ष जांच होना अनिवार्य है। दूसरी ओर, पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग एसआईटी (SIT) पहले ही इस मामले की जांच कर चुकी हैं और उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। कटारिया ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकारी अनुदान डीसी और एसडीएम के सत्यापन के बाद ही जारी होते हैं और वह इस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए साक्ष्यों को खंगाल रही है।