चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना से पहले स्वगणना प्रक्रिया को लेकर लोगों की धीमी भागीदारी सामने आई है। प्रदेश में 77 लाख से अधिक परिवार होने के बावजूद अब तक केवल 2 लाख 46 हजार परिवारों ने ही स्वगणना पूरी की है। गुरुवार को स्वगणना का अंतिम दिन है, जबकि 1 मई से राज्यभर में वास्तविक मकान सूचीकरण और जनगणना कार्य शुरू हो जाएगा।
जनगणना निदेशक डॉ. ललित जैन के अनुसार स्वगणना एक सरल प्रक्रिया है, जिसे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से 5 से 7 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इसके बाद नागरिकों को केवल अपना आईडी नंबर एन्यूमरेटर के साथ साझा करना होगा।
स्वगणना में सिरसा और करनाल सबसे आगे
जिलों की बात करें तो स्वगणना में सिरसा और करनाल सबसे आगे हैं, जबकि नूंह जिला सबसे पीछे है। निदेशक ने लोगों से अपील की है कि वे अंतिम दिन अधिक से अधिक संख्या में स्वगणना कराएं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 1 मई से शुरू होने वाले जनगणना कार्य में सभी नागरिकों को एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर का सहयोग करना होगा। दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। आवश्यक जानकारी देने से इनकार करना जनगणना अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
किसी भी प्रकार की समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है।
जिलावार स्वगणना आंकड़े:
जिला स्वगणना कराने वाले परिवार
सिरसा 22,845
करनाल 22,836
जींद 19,486
फतेहाबाद 14,602
सोनीपत 12,780
महेंद्रगढ़ 12,674
गुरुग्राम 12,607
हिसार 11,927
रोहतक 11,366
यमुनानगर 11,348
पंचकूला 10,910
झज्जर 10,560
रेवाड़ी 10,494
फरीदाबाद 9,623
चरखी दादरी 9,586
भिवानी 8,307
हांसी 7,963
कैथल 6,341
कुरुक्षेत्र 4,912
अंबाला 4,846
पानीपत 4,841
पलवल 3,134
नूंह 1,897

