हरियाणा सरकार ने असंगठित क्षेत्र के गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने के लिए एक विशेष राज्यव्यापी पंजीकरण अभियान चलाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए नई योजनाएं तैयार कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कार्यरत सभी गिग वर्कर्स का विशेष अभियान चलाकर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत श्रम विभाग के अगले पांच वर्षों के रोडमैप और कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के कल्याण और वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर भी अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभ देने की घोषणा की है। साथ ही केंद्र सरकार भी गिग वर्कर्स के कल्याण को लेकर योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सभी गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन आवश्यक है, इसलिए इस कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही गिग वर्कर्स को नियुक्त करने वाले विभिन्न प्लेटफॉर्म से संपर्क कर अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा विशेष शिविर लगाकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं।
श्रम विभाग के प्रधान सचिव Rajiv Ranjan ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक 21,777 गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है और शेष कामगारों का पंजीकरण जारी है। इसके लिए विभाग की टीमें संबंधित प्लेटफॉर्म पर जाकर जानकारी जुटा रही हैं। मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि गिग वर्कर्स के पंजीकरण और अन्य श्रमिक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्य कैलेंडर तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम विभाग के माध्यम से श्रमिकों के लिए 30 से अधिक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से श्रमिकों तक पहुंचाने के लिए विभाग का संरचनात्मक पुनर्गठन किया जाएगा। उन्होंने विभाग को अगले पांच वर्षों के विजन, कार्यों और समयसीमा का विस्तृत खाका तैयार करने के निर्देश भी दिए।
महिलाओं की रोजगार में भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और घरेलू क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के श्रम का सही मूल्यांकन नहीं हो पाता। कामकाजी महिलाओं के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में वर्किंग वुमन हॉस्टल और छोटे बच्चों के लिए क्रैच स्थापित किए जाएंगे। साथ ही ग्रीन जॉब्स में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा, ताकि अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी राष्ट्रीय औसत से ऊपर लाई जा सके।

