हरियाणा डेस्क। राज्य में लगातार गिर रहे लिंगानुपात को लेकर Government of Haryana ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने लिंगानुपात सुधार से जुड़े कार्यक्रमों की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन में कथित लापरवाही बरतने पर तीन वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों और एक चिकित्सा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव Sumita Misra द्वारा जारी आदेशों के तहत की गई।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए अधिकारियों में शामिल हैं:
सोनीपत के पुरखास सीएचसी की एसएमओ डॉ. टीना आनंद
यमुनानगर के रादौर सीएचसी के एसएमओ डॉ. विजय परमार
रोहतक के चिरी सीएचसी के एसएमओ डॉ. सतपाल
नारनौल के सहलांग सीएचसी की चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभा
सरकारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान इन अधिकारियों को क्रमशः रोहतक, अंबाला, झज्जर और रेवाड़ी के सिविल सर्जन कार्यालयों से संबद्ध किया गया है।
अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू
आदेश में कहा गया है कि इन अधिकारियों के खिलाफ Government of Haryana ने हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। आरोप है कि अधिकारियों ने लिंगानुपात सुधार संबंधी योजनाओं की निगरानी और प्रभावी कार्यान्वयन में अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं निभाई।
राज्य में फिर घटा लिंगानुपात
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में हरियाणा का जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) घटकर प्रति 1000 लड़कों पर 898 लड़कियां रह गया है। जबकि पिछले पूरे वर्ष यह आंकड़ा 923 था, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर माना गया था।
सोनीपत, रोहतक और यमुनानगर जैसे जिलों में स्थिति अधिक चिंताजनक रही, जहां लिंगानुपात 900 से नीचे दर्ज किया गया। वहीं करनाल ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 968 का लिंगानुपात दर्ज किया, जबकि फरीदाबाद में यह 932 रहा।
सरकार ने तेज किया अभियान
Government of Haryana ने हाल के महीनों में अवैध लिंग जांच और भ्रूण हत्या जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए राज्यव्यापी अभियान को और तेज किया है। सरकार का कहना है कि लिंगानुपात सुधारना उसकी प्राथमिकता है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

