हरियाणा सरकार ने राज्य में औद्योगिक विनिर्माण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों की बड़ी परियोजनाओं को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini की अध्यक्षता में हुई हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड (HEPB) की 19वीं बैठक में राज्य में औद्योगिक निवेश, विनिर्माण क्षमता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई बड़ी परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन पैकेज मंजूर किए गए। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री Rao Narbir Singh भी मौजूद रहे।

बैठक में बीईयूएमईआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के तहत 43.05 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मंजूर किया गया। कंपनी झज्जर जिले में अत्याधुनिक इंट्रालॉजिस्टिक्स सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करेगी, जिससे 138 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

इसी प्रकार एआईटीएमसी वेंचर्स लिमिटेड को हिसार में ड्रोन और ड्रोन कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग हब स्थापित करने के लिए 58.51 करोड़ रुपये का विशेष प्रोत्साहन पैकेज स्वीकृत किया गया। सरकार के अनुसार इस परियोजना से रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और करीब 800 युवाओं को रोजगार मिलेगा।

अभ्युदय प्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को उन्नत पैकेजिंग सामग्री निर्माण परियोजना के लिए 31.68 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया गया है, जिससे 105 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं मार्क एग्जॉस्ट सिस्टम्स लिमिटेड को झज्जर में ऑटो कंपोनेंट्स निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 39.95 करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया है, जिससे 123 युवाओं के लिए रोजगार अवसर पैदा होंगे।

कैनपैक इंडिया को मेवात में एल्युमिनियम कैन निर्माण क्षमता विस्तार के लिए 35.21 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया। वहीं सबरोस लिमिटेड को खरखौदा, सोनीपत में ऑटो कंपोनेंट्स निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए 89.91 करोड़ रुपये का विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिया गया है, जिससे 215 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

इसके अलावा जय भारत मारुति लिमिटेड को 43.76 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया। एटीएल बैटरी टेक्नोलॉजी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को सोहना, नूंह में लिथियम-आयन सेल एवं बैटरी निर्माण परियोजना के लिए निवेश समय सीमा में एक वर्ष का अंतिम विस्तार दिया गया है। वहीं कंधारी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड को संशोधित करते हुए 157.83 करोड़ रुपये का विशेष प्रोत्साहन पैकेज मंजूर किया गया।

सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हालांकि विपक्ष और आर्थिक मामलों के जानकार अक्सर इस तरह की घोषणाओं को लेकर यह सवाल उठाते रहे हैं कि घोषित निवेश और वास्तविक जमीन स्तर पर रोजगार सृजन में कितना अंतर रहता है। पूर्व में भी कई निवेश समझौतों और औद्योगिक घोषणाओं को लेकर यह बहस रही है कि कितनी परियोजनाएं समय पर धरातल पर उतर पाती हैं और स्थानीय युवाओं को वास्तविक लाभ कितना मिलता है।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।