हरियाणा के 7 नगर निकायों के चुनाव परिणाम आज घोषित किए जाएंगे। भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़े मुकाबले को 2029 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। Haryana में आज नगर निकाय चुनावों की मतगणना के साथ राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली काउंटिंग पर सिर्फ स्थानीय उम्मीदवारों की ही नहीं, बल्कि प्रदेश की बड़ी राजनीतिक पार्टियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। मुख्य मुकाबला Bharatiya Janata Party और Indian National Congress के बीच माना जा रहा है। ऐसे में अंबाला, पंचकूला, सोनीपत, रेवाड़ी, धारूहेड़ा, सांपला और उकलाना के नतीजों को 2029 की बड़ी राजनीतिक लड़ाई का सेमीफाइनल भी माना जा रहा है।
10 मई को हुए मतदान के बाद अब सबकी नजर मतगणना पर टिकी है। Ambala, Panchkula और Sonipat नगर निगमों में मेयर और पार्षदों के चुनाव हुए थे, जबकि Rewari नगर परिषद और धारूहेड़ा, सांपला व उकलाना नगर पालिकाओं में अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों के लिए वोट डाले गए थे। इसके अलावा कई नगर परिषदों और नगर समितियों के वार्डों में उपचुनाव भी हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो ये चुनाव सिर्फ स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद पहली बार भाजपा और कांग्रेस की जमीनी ताकत का सीधा परीक्षण हो रहा है। भाजपा जहां इसे अपनी सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर जनता की मुहर के रूप में देख रही है, वहीं कांग्रेस इसे सत्ता विरोधी माहौल की शुरुआत बताने की कोशिश में जुटी हुई है।
सबसे ज्यादा नजर शहरी वोट बैंक पर रहेगी, क्योंकि हरियाणा की राजनीति में अब शहरों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। अगर भाजपा नगर निगमों और परिषदों में मजबूत प्रदर्शन करती है तो इसे मुख्यमंत्री नेतृत्व पर जनता के भरोसे के रूप में देखा जाएगा। वहीं कांग्रेस यदि बड़े शहरों में बढ़त बनाती है तो प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने शुरू हो सकते हैं।
चुनाव परिणाम यह भी तय करेंगे कि आने वाले समय में हरियाणा की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। राजनीतिक दलों के संगठन, स्थानीय नेताओं की पकड़ और शहरी मतदाताओं का मूड आज काफी हद तक साफ हो जाएगा। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि भले ही चुनाव नगर निकायों के हों, लेकिन इनके राजनीतिक संदेश का असर पूरे हरियाणा की सियासत पर दिखाई दे सकता है।

