चंडीगढ़। हरियाणा में निकाय कर्मचारियों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। प्रदेश के करीब 30 हजार नगर निकाय कर्मचारियों ने 1 मई से दो दिवसीय हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यह फैसला दमकल (फायर) कर्मचारियों के समर्थन में लिया गया है, जो पिछले 22 दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हुए हैं।

हरियाणा नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री के अनुसार, फायर कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसके विरोध में दमकल केंद्रों पर 5 दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल भी शुरू हो चुकी है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है और आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

इसी के चलते निकाय कर्मचारियों ने भी आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। यदि सरकार के साथ बातचीत सफल नहीं होती, तो 1 मई से प्रदेशभर में दो दिन की हड़ताल शुरू हो जाएगी, जिससे नगर निकाय सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार भी सक्रिय हो गई है। वीरवार को चंडीगढ़ में दोपहर 2:30 बजे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ कर्मचारियों की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

सरकार का मानना है कि यदि निकाय कर्मचारी भी फायर कर्मियों के समर्थन में हड़ताल पर चले गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। यही वजह है कि प्रशासन बातचीत के जरिए मामला सुलझाने में जुटा हुआ है।