कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले सरकार ने मंडियों में व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली खरीद के दौरान किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसे लेकर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

कृषि मंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में धान खरीद से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में कृषि विभाग के अलावा हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और खरीद प्रक्रिया से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि खरीद शुरू होने से पहले मंडियों में जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं, ताकि किसानों को फसल लेकर आने के बाद किसी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

सरकार इस बार भी धान खरीद में तकनीक के जरिए पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दे रही है। खरीद के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज और सत्यापित जानकारी को आधार बनाया जाएगा। मंडी में धान लेकर पहुंचने वाले किसान का जियोफेसिंग तकनीक से सत्यापन होने के बाद ही गेट पास जारी किया जाएगा। इसके साथ ही पोर्टल पर किसान द्वारा दर्ज फसल के विवरण का संबंधित क्षेत्र की निर्धारित औसत उपज से मिलान किया जाएगा। इन प्रक्रियाओं के बाद ही फसल की अंतिम खरीद को मंजूरी मिलेगी।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसान के मंडी पहुंचने से लेकर गेट पास जारी होने, फसल की तुलाई और खरीद के बाद भुगतान तक पूरी प्रक्रिया सुचारु रहे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि फसल की बिक्री के बाद भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंचे और पूरी व्यवस्था पारदर्शी तरीके से संचालित हो।

बैठक में धान खरीद के साथ आगामी रबी सीजन की तैयारियों को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। खासकर गेहूं की बुआई के समय किसानों को खाद और बीज की कमी न हो, इसके लिए पहले से पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा गया है। कृषि मंत्री ने यूरिया और डीएपी का अग्रिम स्टॉक तैयार रखने के साथ किसानों के लिए प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण बीज समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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