हरियाणा के स्थानीय निकाय और पंचायत उपचुनावों में पंचों के 232 पद खाली रह गए हैं, जबकि कई जिलों में उम्मीदवारों का निर्विरोध चयन हुआ है।

चंडीगढ़। प्रदेश में सात नगर निकायों के आम चुनाव और छह निकायों के उपचुनाव के साथ-साथ पंचायतों की रिक्त सीटों के लिए चुनावी हलचल तेज हो गई है। जहां हिसार के मंडी आदमपुर और कैथल के पोलड़ जैसे क्षेत्रों में प्रत्याशी जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में पंचायती राज के प्रति भारी उदासीनता भी देखने को मिली है। प्रदेश भर में पंचायतों की 528 खाली सीटों (पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद) के लिए हो रहे इस उपचुनाव में पंचों के 232 पद नामांकन न होने के कारण खाली रह जाएंगे। हालांकि, सकारात्मक पक्ष यह भी रहा कि पंच-सरपंच और समिति सदस्यों के 275 पदों पर उम्मीदवारों का चयन निर्विरोध संपन्न हो गया है।

जिलों का चुनावी समीकरण

विभिन्न जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी मिली-जुली रही है। अंबाला में पंच की 21 सीटों में से 11 पर नामांकन नहीं मिला, जबकि भिवानी में 16 सीटें खाली रह गईं। चरखी दादरी में 12 और फतेहाबाद में 7 सीटों पर किसी ने पर्चा दाखिल नहीं किया। विशेष रूप से पंचकूला में सबसे अधिक उदासीनता देखी गई, जहाँ पंच की 23 सीटों में से 22 पर नामांकन प्राप्त नहीं हुआ और केवल एक सीट पर निर्विरोध चुनाव हुआ। दूसरी ओर, हिसार में 64 पंच सीटों में से 39 पर निर्विरोध चयन हुआ और 19 सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। कुरुक्षेत्र, जींद और करनाल में भी कई सीटों पर उम्मीदवारों की कमी के कारण पद रिक्त रह गए हैं।

चुनावी दंगल और आगामी मतदान की तैयारी

सोनीपत में पंच की 53 सीटों में से 31 खाली रह गई हैं, जबकि यमुनानगर में 13 सीटों पर नामांकन नहीं हुआ। सिरसा में स्थिति बेहतर रही, जहाँ 22 में से 20 पंच निर्विरोध चुने गए। पानीपत में जिला परिषद और पंचायत समिति की सीटों पर भी निर्विरोध चयन की खबरें हैं। अब प्रशासन उन सीटों पर मतदान कराने की तैयारी में जुटा है जहाँ एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। बड़े राजनेताओं ने भी अपने समर्थित उम्मीदवारों के लिए प्रचार की कमान संभाल ली है। आने वाले दिनों में सरपंच और जिला परिषद की शेष सीटों पर होने वाला मतदान यह तय करेगा कि स्थानीय शासन की बागडोर किसके हाथ में होगी।

देखें जिलावार विवरण

विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, झज्जर में सरपंच की दो सीटों और पंचायत समिति की एक सीट पर मतदान होगा। कैथल में भी सरपंच की दो सीटों पर मुकाबला है। नूंह और नारनौल में भी कुछ सीटों पर चुनाव होने हैं, जबकि पलवल में पंच की 15 सीटों पर कोई दावेदार सामने नहीं आया। रोहतक में स्थिति स्थिर है जहां 10 में से 8 पंच निर्विरोध चुने जा चुके हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में लगा है ताकि शेष सीटों पर निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराए जा सकें।