राजेश वर्मा,नारायणगढ़ (अम्बाला)। हरियाणा पुलिस के मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (CM Flying Squad) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये के कथित ‘ई-सैलेरी पोर्टल’ घोटाले का खुलासा किया है। आरोप है कि अस्पताल के उप अधीक्षक सुभाष चन्द ने ट्रेजरी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर ई-सैलेरी पोर्टल में हेरफेर की और फर्जी प्रविष्टियों के जरिए सरकारी खजाने से लाखों रुपये का गबन किया।

इस मामले में अम्बाला पुलिस ने उप अधीक्षक सुभाष चन्द और रिटायर्ड वार्ड सर्वेंट मोहन लाल के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन समेत कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को मिली थी गुप्त सूचना

एफआईआर के अनुसार 13 मई 2026 को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, अम्बाला के उप निरीक्षक परविंदर को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि नागरिक अस्पताल नारायणगढ़ में ई-सैलेरी पोर्टल के माध्यम से वेतन रिकॉर्ड में बड़े स्तर पर हेरफेर किया गया है।

आरोप है कि उप अधीक्षक सुभाष चन्द ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक अपनी और एक रिटायर्ड कर्मचारी की सैलरी एवं भत्तों में फर्जी एंट्री कर सरकारी खाते से अवैध भुगतान निकलवाया।

संयुक्त जांच टीम ने मारा छापा

सूचना की पुष्टि होने के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में संयुक्त जांच टीम गठित की गई। टीम में उड़नदस्ते के अधिकारियों के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय अम्बाला के अधिकारी भी शामिल थे।

14 मई 2026 को सुबह करीब 10:50 बजे टीम ने नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल में छापेमारी कर ई-सैलेरी पोर्टल और एक्सेल रिकॉर्ड की जांच की। जांच के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आईं।

ऐसे किया गया कथित घोटाला

जांच रिपोर्ट के मुताबिक उप अधीक्षक सुभाष चन्द ने बेसिक पे, डीए, एचआरए, एफटीए और अन्य भत्तों में हेरफेर कर कुल 11,93,470 रुपये की अतिरिक्त अवैध राशि निकाली।

वर्षवार कथित गबन
2023-24: 7,392 रुपये
2024-25: 9,87,450 रुपये
2025-26: 46,240 रुपये
2026-27: 1,52,388 रुपये

इसके अलावा जांच में सामने आया कि 11 मई 2026 को तीसरी एसीपी के एरियर का कथित फर्जी आदेश तैयार कर 1,44,308 रुपये का अतिरिक्त क्लेम भी पास करवाया गया, जबकि संबंधित एरियर पहले ही लिया जा चुका था।

रिटायर्ड कर्मचारी के नाम पर भी निकाली गई राशि

जांच एजेंसियों के अनुसार 31 अगस्त 2025 को रिटायर हो चुके वार्ड सर्वेंट मोहन लाल के नाम पर भी स्पेशल अलाउंस और अन्य भत्तों में कथित हेरफेर किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि फर्जी प्रविष्टियों के जरिए करीब 9,93,400 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करवाया गया। प्रारंभिक जांच में दोनों के नाम पर कुल 21,86,870 रुपये के सरकारी धन के गबन की बात सामने आई है।

एसएमओ की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान नागरिक अस्पताल नारायणगढ़ के एसएमओ डॉ. रूपिन्द्र सिंह सैनी की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या ट्रेजरी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इन धाराओं में दर्ज हुई FIR

मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की शिकायत और 134 पन्नों के दस्तावेजी सबूतों के आधार पर थाना नारायणगढ़ में एफआईआर नंबर 176 दिनांक 15 मई 2026 को दर्ज की गई।

आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की इन धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है:

धारा 409: लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात
धारा 420: धोखाधड़ी
धारा 467, 468, 471: जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग
धारा 120-B: आपराधिक साजिश

मामले की जांच एएसआई कंवलजीत सिंह को सौंपी गई है और पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।