हरियाणा सरकार ने 8वीं कक्षा के इतिहास पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं और बाबा बंदा सिंह बहादुर की जीवनी को शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के स्कूली शिक्षा तंत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। लंबे समय से उठ रही एक अहम मांग पर आखिरकार सरकार ने मुहर लगा दी है। यह फैसला केवल पाठ्यक्रम बदलने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और विरासत से जोड़ने की बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सिख समाज से किया गया एक महत्वपूर्ण वादा पूरा करते हुए राज्य के विद्यालयों की 8वीं कक्षा के इतिहास पाठ्यक्रम में सिख गुरुओं और बाबा बंदा सिंह बहादुर से जुड़े इतिहास को शामिल कर दिया है। अब विद्यार्थी गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक के संदेशों, बलिदानों और बाबा बंदा सिंह बहादुर के संघर्षों के बारे में पढ़ सकेंगे।
यह घोषणा मुख्यमंत्री ने गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी समागम के दौरान की थी, जब उन्होंने कहा था कि आने वाली पीढ़ियों को सिख इतिहास और गुरुओं के आदर्शों से परिचित कराने के लिए इन्हें शिक्षा का हिस्सा बनाया जाएगा। अब सरकार ने इस वादे को अमलीजामा पहनाते हुए इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिख गुरुओं ने मानवता, समानता, सेवा, करुणा और सामाजिक न्याय का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। वहीं, बाबा बंदा सिंह बहादुर का जीवन साहस, नेतृत्व और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की मिसाल है। मुख्यमंत्री के OSD डॉ. प्रभलीन सिंह ने इसे सिख समाज की भावनाओं से जुड़ी लंबे समय की मांग पूरी होने वाला ऐतिहासिक फैसला बताया।

