हरियाणा के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रदेश की संस्कृति और इतिहास से जोड़ने के लिए शिक्षा निदेशालय ने राज्य गीत गाने के आदेश दिए हैं। अब सप्ताह में एक दिन प्रार्थना सभा के बाद छात्र 'जय जय जय हरियाणा' का सामूहिक गायन करेंगे।
भिवानी। हरियाणा के विद्यार्थियों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और पहचान से रूबरू कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में राज्य गीत ‘जय जय जय हरियाणा’ का गायन अनिवार्य कर दिया है। अब राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत के साथ-साथ छात्र-छात्राएं इस राज्य गीत का भी सामूहिक रूप से गायन करेंगे।
सप्ताह में एक दिन अनिवार्य गायन
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। प्रदेश के समस्त सरकारी विद्यालयों में सप्ताह में एक दिन सुबह की प्रार्थना सभा के तुरंत बाद विद्यार्थियों द्वारा राज्य गीत का सामूहिक पाठ कराया जाएगा। विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूलों में आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
विद्यार्थियों में जगेगा प्रदेश के प्रति सम्मान
भिवानी की जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया ने इस संबंध में बताया कि विद्यालय स्तर पर राज्य गीत के नियमित गायन से छात्रों का जुड़ाव हरियाणा की संस्कृति और इतिहास से और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग का मुख्य ध्येय बच्चों में अपने राज्य के गौरव, परंपराओं और नागरिक दायित्वों के प्रति सम्मान की भावना को विकसित करना है।
28 मार्च 2025 को मिली थी आधिकारिक स्वीकृति
उल्लेखनीय है कि ‘जय जय जय हरियाणा’ को 28 मार्च 2025 को हरियाणा विधानसभा में सर्वसम्मति से आधिकारिक राज्य गीत के रूप में स्वीकार किया गया था। इस गीत की रचना पानीपत के वरिष्ठ हिंदी विद्वान डॉ. बालकिशन शर्मा ने की है, जबकि इसे स्वर डॉ. श्याम शर्मा ने दिया है। रचना में श्रीमद्भगवद्गीता, महाभारत, अरावली व शिवालिक पर्वत शृंखलाओं के साथ-साथ प्रदेश के किसानों, जवानों और खिलाड़ियों के अतुलनीय योगदान को बखूबी दर्शाया गया है।


