लखनऊ. अंबेडकरनगर जिले के बरियावन-किछौछा मार्ग पर भूमाफिया द्वारा असलहाधारियों की मौजूदगी में तीन जेसीबी लगाकर 15 दलित-पिछड़े परिवारों के मकान और दुकानें जमींदोज किए जाने की घटना बेहद निंदनीय है. आधी रात में इस तरह असलहों के दम पर घर-दुकानें ढहाया जाना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

इसे भी पढ़ें- भाजपा गरीबों को…अखिलेश यादव ने सरकार पर लोगों को बेघर करने का आरोप लगाते हुए साधा निशाना, जानिए ऐसा क्या कह गए सपा सुप्रीमो ?

प्रभावितों के अनुसार, 50-60 नकाबपोश और असलहाधारी लोग तीन जेसीबी के साथ पहुंचे, रास्ता दोनों ओर से घेर लिया और असलहे दिखाकर परिवारों को धमकाया. लोगों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला और कई परिवार जान बचाकर घरों से बाहर निकलने को मजबूर हुए. घंटों तक चली इस कार्रवाई के बावजूद पुलिस मौके पर क्यों नहीं पहुंची?

पीड़ितों और स्थानीय लोगों ने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मिलीभगत का आरोप लगाया है. इतने बड़े पैमाने पर हुई इस कार्रवाई की सच्चाई सामने लाने के लिए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच जरूरी है. घटना के 24 घंटे बाद भी किसी आरोपी की पहचान न होना पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

इसे भी पढ़ें- UP में ‘जानलेवा’ सरकार! BJP सरकार के दावे खोखले, इलाज के अभाव में मजदूर ने घर पर तोड़ा दम, कागजों में कब तक विकास दौड़ेगा योगी जी?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, आधी रात को तीन जेसीबी और 50-60 असलहाधारी लोग घंटों तक मकान-दुकानें ध्वस्त करते रहे, आपकी पुलिस को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? यूपी सरकार से हमारी मांग है कि पीड़ित परिवारों को तत्काल सुरक्षा, राहत और न्याय दिया जाए. आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी हो तथा पुलिस-प्रशासन की भूमिका और संभावित मिलीभगत की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए. भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जिला इकाई ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से बात कर पीड़ितों को शीघ्र न्याय एवं उचित राहत दिलाने की मांग की.