करनाल। करनाल के भाजपा विधायक जगमोहन आनंद और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगा है। पुलिस जांच में धमकी भरा पत्र भेजने वाले संदिग्ध की पहचान एक सेवानिवृत्त सरकारी स्कूल प्रिंसिपल के रूप में सामने आई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए करनाल और कुरुक्षेत्र पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध आरोपी इंद्री क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर रह चुका है। जांच में सामने आया है कि विधायक के कैंप कार्यालय में डाक के जरिए भेजा गया धमकी भरा पत्र उसी व्यक्ति ने भेजा था। हालांकि पुलिस ने अभी आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

लॉरेंस बिश्नोई का एरिया कमांडर बताया था

धमकी भरे पत्र में आरोपी ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एरिया कमांडर बताया था। पत्र में विधायक और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध का वास्तव में गैंग से कोई संबंध है या उसने विधायक को डराने के लिए खुद को गैंग से जुड़ा बताकर पत्र भेजा।
पुलिस आरोपी की तलाश के साथ-साथ उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

27 अगस्त को मिला था धमकी भरा पत्र

गौरतलब है कि 27 अगस्त को विधायक जगमोहन आनंद के कैंप कार्यालय में यह धमकी भरा पत्र पहुंचा था। इसमें विधायक और उनके बेटे को एक महीने के भीतर AK-47 से सिर में 20 गोलियां मारने की धमकी दी गई थी।

पत्र में विधायक के समाज और समाज की बहू-बेटियों के लिए भी आपत्तिजनक तथा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। पत्र सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब संदिग्ध की पहचान तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।

फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी के पीछे उसकी वास्तविक मंशा क्या थी और क्या उसका किसी आपराधिक गिरोह से कोई संबंध है।