कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा और सुशासन से जुड़े कार्यों के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान के जरिए सरकार का फोकस जनभागीदारी बढ़ाने, पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और सेवाओं को लोगों तक सीधे पहुंचाने पर रहेगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अभियान की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित करने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

‘सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार’ होगा प्रमुख हिस्सा

अभियान में ‘सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार’ प्रमुख पहल होगी। इसके तहत ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आवेदन और योजना का लाभ लेने में मदद दी जाएगी।

प्रत्येक ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र में ‘सेवा सेतु केंद्र’ स्थापित करने की योजना है। यहां नागरिकों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।

रक्तदान से लेकर साइबर सुरक्षा तक 25 गतिविधियां

अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ के माध्यम से लोगों को अपने घर, गांव, स्कूल, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इस दौरान रक्तदान, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, अनाथालय और वृद्धाश्रमों में सेवा, जरूरतमंद बच्चों को शैक्षणिक सहयोग, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, पोषण और एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, कचरा पृथक्करण, साइबर सुरक्षा, खेल गतिविधियां और दिव्यांगजनों की सहायता समेत 25 अलग-अलग सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

बच्चों और युवाओं के लिए भी होंगे कार्यक्रम

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक बच्चों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए राष्ट्रव्यापी चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यार्थी देश की विकास यात्रा और बेहतर भविष्य से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाएंगे।

वहीं, युवाओं, विद्यार्थियों और तकनीकी विशेषज्ञों की प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए ‘राष्ट्रीय नवाचार चुनौती’ भी शुरू की जाएगी। इसमें डिजिटल समाधान और जमीनी स्तर पर सुशासन से जुड़ी नई तकनीकों एवं विचारों को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नुक्कड़ नाटकों से बताई जाएंगी विकास की कहानियां

अभियान के दौरान ‘नमो सेवा गाथा’ के तहत नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सेवा कार्यों, सरकारी योजनाओं और विकास से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी। स्कूल-कॉलेजों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इन कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

इसके अलावा 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ मनाया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, माताओं, पोषण, स्वास्थ्य और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

17 अक्टूबर को दिल्ली में ‘जनसेवक महाकुंभ’

एक महीने तक चलने वाला यह अभियान 17 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘जनसेवक महाकुंभ’ के साथ संपन्न होगा। इसमें करीब 1.25 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना है। इनमें ग्राम सरपंच, नगर निकाय प्रतिनिधियों के साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

इस अवसर पर वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों के सामूहिक गायन का भी प्रस्ताव रखा गया है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अभियान की प्रत्येक गतिविधि के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने, जिम्मेदारियां स्पष्ट करने और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य अभियान के माध्यम से सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से आम नागरिकों तक पहुंचाना है।