पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गांवों की शामलात भूमि पर लंबे समय से रह रहे परिवारों को बड़ी राहत देते हुए मालिकाना हक के लिए आवेदन करने की समय सीमा बढ़ाने की घोषणा की है। अब ऐसे परिवार 16 जनवरी 2027 तक अपने आवेदन जमा कर सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र परिवारों से वर्ष 2004 की कलेक्टर दर के डेढ़ गुना मूल्य के आधार पर भूमि खरीद राशि ली जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कई पात्र परिवार दस्तावेजी प्रक्रियाओं और तकनीकी कारणों से समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवेदन अवधि का विस्तार किया गया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।

मंगलवार को पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों पर लगाई गई एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना का लोकार्पण किया, जिस पर 23.21 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

इसके अलावा 44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई 350 अटल लाइब्रेरियों को भी जनता को समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

समारोह में विकास, स्वच्छता और सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली छह ग्राम पंचायतों को ‘जागृत ग्राम पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इन पंचायतों को कुल 1.66 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। फतेहाबाद की जांडली कलां पंचायत को 51 लाख रुपये, चरखी दादरी की झिंझर पंचायत को 31 लाख रुपये और अंबाला के साहा गांव की पंचायत को 21 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।

वहीं दूसरी श्रेणी में फतेहाबाद के जल्लोपुर गांव को 31 लाख रुपये, गदली पंचायत को 21 लाख रुपये और करनाल के मर्दानहेड़ी गांव को 11 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों को दी जाने वाली मासिक किस्त भी रिमोट बटन दबाकर जारी की।