कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के सूरजमुखी किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने सूरजमुखी खरीद के लिए पंजीकरण पोर्टल को अगले 60 दिनों के लिए दोबारा खोलने का फैसला लिया है, जिससे वे किसान भी अपनी फसल बेच सकेंगे जो किसी कारणवश पहले समय पर रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह घोषणा पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कई किसान विभिन्न कारणों से सूरजमुखी बिक्री के लिए समय पर पंजीकरण नहीं करा सके थे। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र किसान अपनी उपज बेचने के अवसर से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल अगले 60 दिनों के लिए पुनः खोला जाए ताकि किसान आसानी से पंजीकरण करवा सकें।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा पंचकूला में जाईका वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के शुभारंभ और विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में शिरकत करते हुए की। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिपली चिड़ियाघर का 70 करोड़ रुपये और भिवानी चिड़ियाघर का 25 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक नवीनीकरण किया जाएगा। वहीं, सरस्वती संरक्षण वन में 55 करोड़ रुपये की लागत से पक्षी विहार विकसित किया जाएगा, जिससे 100 से अधिक स्थानीय और प्रवासी पक्षी प्रजातियों को लाभ मिलेगा।

इसके अलावा कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च कर मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान, भिंडावास पक्षी अभयारण्य और कोटला झील को जोड़ते हुए विशेष पक्षी दर्शन पर्यटन सर्किट भी विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष वन विभाग द्वारा 1.50 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें से 50 लाख पौधे लोगों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। पौधागिरी अभियान के तहत स्कूली बच्चों को 20 लाख पौधे दिए जाएंगे ताकि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाया जा सके।