अजय सैनी, भिवानी. हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान अजीत राठी, जिला सचिव सुमेर सिंह आर्य, वरिष्ठ उप प्रधान अंजु देवी, प्रैस सचिव सुनील कुमार सूरा, जिला कोषाध्यक्ष अनूप सिवाच, खण्ड प्रधान संजय गौरीपुर, सचिव लाजपत जाखड़, राज्य सचिव महेंद्र सिंह, राज्य उप प्रधान सुशील देवी ने सयुक्त प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि प्रदेश में चल रहा गहन पुन: निरीक्षण का कार्य जहां शिक्षा व्यवस्था के लिए आघात का कार्य कर रहा है, वहीं इसमें लगे शिक्षकों/कर्मचारियों के लिए भी परेशानी का कारण बना हुआ है।

इस कार्य मे चूंकि ज्यादातर अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है, इस कारण बहुत से स्कूल लगभग खाली हो जाते हैं। एसआईआर के गणना प्रपत्र भरने के लिए एक महीने का समय दिया गया है, लेकिन यह अवधि बहुत ही कम है और एक महीने का समय होने के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।

चार पांच दिन में ही सभी गणना प्रपत्र बांटने का टारगेट दिया जा रहा है और दिन में दो बार गूगल शीट के माध्यम से रिपोर्ट मांगी जा रही है। अधिकतर मतदाता गणना प्रपत्र स्वयं नहीं भर सकते यदि भरेंगे तो गलतियां करेंगे। इसलिए यह सारा कार्य बीएलओ को ही करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सहायक के लिए बीएलओ के लिए अकेले यह काम करना अत्यंत कठिन है। बीएलओ की सहायता के लिए कोई तकनीकी कर्मचारी भी उपलब्ध नहीं है।

इसी प्रकार स्कूल प्रिंसिपल, पीजीटी व टीजीटी को सुपरवाइजर एवं कंट्रोल रूम में नोडल बनाकर स्कूलों/विद्यार्थियों से दूर किया जा रहा है। नोडल ऑफिसर को हजारों फार्म ऑनलाइन व ऑफलाइन चैक करके मिलान करने के टारगेट दिए जा रहें हैं। बीएलओ पर अनावश्यक दबाव के चलते आत्महत्या जैसी बहुत से अमानवीय उदाहरण अन्य राज्यों में पहले भी सामने आ चुकी हैं। इस कार्य के लिए समय अवधि बढ़ाने के साथ ही इस कार्य के लिए अलग से सक्षम बेरोजगार युवाओं को लगाने की जरूरत है, ताकि उनको काम भी मिले और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि इस तरह के थोपे जा रहे गैर शैक्षणिक कार्य को लेकर शिक्षकों एवं स्कूल मुखियाओं पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ 22 जून को प्रदेश के जिला मुख्यालय पर सुबह 11 बजे विरोध प्रदर्शन करेगा।