नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के मामले में हरियाणा ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। राष्ट्रीय मूल्यांकन में राज्य को 95.21 अंक मिले हैं, जिस पर डीजीपी अजय सिंघल ने पुलिस बल की सराहना की है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में हरियाणा ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। राष्ट्रीय मूल्यांकन में प्रदेश को 95.21 अंक मिले हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। इस उपलब्धि पर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने कहा कि यह केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रमाण है।
DGP अजय सिंघल ने कहा कि आज़ादी के 77 वर्ष बाद देश ने औपनिवेशिक (ब्रिटिश) कानूनों से बाहर निकलकर न्याय के नए युग में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने इस बदलाव को लागू करने के लिए पुलिस बल को दोबारा प्रशिक्षित किया, कार्यप्रणाली को पूरी तरह नया स्वरूप दिया और तकनीक को व्यापक स्तर पर अपनाया। उन्होंने कहा, “We retrained, redesigned, embraced technology. Reform was steep, but essential.” यानी “हमने दोबारा प्रशिक्षण दिया, पूरी व्यवस्था को नया स्वरूप दिया और तकनीक को अपनाया। यह बदलाव चुनौतीपूर्ण था, लेकिन बेहद जरूरी था।”
उन्होंने बताया कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष काम किया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण दिया गया, आईसीजेएस (Inter-Operable Criminal Justice System) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया, आधुनिक डिजिटल तकनीक और फॉरेंसिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया गया तथा जांच और अभियोजन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया गया।
DGP ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत अब ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर, डिजिटल चार्जशीट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वीडियो रिकॉर्डिंग, फॉरेंसिक जांच और पीड़ित केंद्रित न्याय व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। इससे जांच की गुणवत्ता बढ़ेगी, मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और आम नागरिकों को समयबद्ध एवं प्रभावी न्याय मिल सकेगा।
अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा की यह उपलब्धि पुलिस बल की मेहनत, बेहतर प्रशिक्षण, तकनीकी नवाचार और सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए आपराधिक कानून न्याय व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

